एसडीएम अनुभव मेहता ने लाडवा में शुरू किया जनगणना के प्रथम चरण का कार्य, अधिकारी अब पहुंचेंगे घर-घर, नागरिकों से की अपील सही और सटीक डाटा दे घर आने वाली टीमों को
लाडवा, 1 मई। उपमंडल अधिकारी नागरिक अनुभव मेहता ने कहा कि सटीक और विश्वसनीय आंकडों से देश और प्रदेश की नीतियों और योजनाओं का निर्माण होगा। इतना ही नहीं उपमंडल लाडवा में इस जनगणना का प्रथम चरण 1 मई से शुरू कर दिया गया है।, जिसमें मकानों की गणना एवं सूचीकरण का कार्य पूरा किया जाएगा।
एसडीएम अनुभव मेहता शुक्रवार को लाडवा उपमंडल में जनगणना के कार्य का प्रथम चरण का शुभारंभ करने उपरांत अधिकारियों को कुछ आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सटीक और विश्वसनीय जनगणना आंकड़े ही ऐसी नीतियों और योजनाओं के निर्माण को सुनिश्चित करते हैं, जो समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंच सकें। यह संकल्प हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही साकार होगा। भारत में जनगणना का गौरवशाली इतिहास रहा है।
उन्होंने कहा कि जनगणना के सटीक आंकड़े ही राज्य और देश की विकास योजनाओं की नींव होते हैं। स्कूलों, अस्पतालों, सडक़ों और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण से लेकर गरीब एवं जरूरतमंदों के लिए योजनाओं के निर्माण तक हर नीति की आधारशिला सही जनगणना आंकड़े ही होते हैं। उन्होंने उपमंडल वासियों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार की सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाएं प्रभावी और न्यायसंगत बन सकें।
उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिससे यह अधिक पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनेगी। स्व-गणना सुविधा के तहत नागरिक अपने मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर के माध्यम से घर बैठे अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए एक पोर्टल विकसित किया गया है, जहां नागरिक मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी आधारित लॉगिन कर अपने राज्य, जिला और स्थानीय विवरण का चयन कर डिजिटल मानचित्र पर अपने घर को चिन्हित करेंगे और परिवार एवं आवास से संबंधित जानकारी दर्ज करेंगे।
जनगणना की जानकारियां पूरी तरह गोपनीय
एसडीएम अनुभव मेहता ने कहा कि जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णत: गोपनीय होती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। किसी भी व्यक्ति, संस्था या एजेंसी के साथ यह जानकारी साझा नहीं की जाती। नागरिकों की निजता और विश्वास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई नागरिक स्व-गणना सुविधा का उपयोग नहीं कर पाता है, तो चिंता की कोई बात नहीं है। 1 मई से 30 मई के बीच जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। इस दौरान नागरिकों से अनुरोध है कि वे कर्मचारियों को सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करें।
