इसकी दीवारों पर प्रेरणादायक थॉट्स लिखे आध्यात्मिक लैब और अद्भूत परीक्षा की पहल।
वैसे तो बहुत से शिक्षण संस्थान आपने देखे होंगे लेकिन रेवाड़ी के मार्टियर जीआर एकेडमी एक ऐसा शिक्षण संस्थान है जो विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास के साथ उनमें नैतिक मूल्यों व संस्कारों को ग्रहण करना सिखाता है। रेवाड़ी के निकटवर्ती गांव ढालियावास़ भक्तिनगर स्थित इस विद्यालय की खूबी यह है कि इसकी क्लास रूम और उनकी दीवारों पर ही नहीं बल्कि हॉस्टल के बैड पर भी ऐसे थॉट्स यानी विचार लिखे हुए हैं जिनसे इस विद्यालय में पढ़ने वाला हर एक विद्यार्थी सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हर दिन कुछ नया सीखता है। चेयरपर्सन प्रवीण यादव, एडमिन अनुराग सिंह और महिपाल सर आदि ने बताया कि इस अकादमी में विद्यार्थियों को जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, राई स्पोर्ट्स स्कूल और मिलिट्री स्कूल जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के लिए तैयार किया जाता है। विद्यालय में पहली स्प्रिचुअल कम करियर लैब बनाई गई है जिसके माध्यम से बच्चों को इमोशनली इंटेलिजेंट बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि गणित, अंग्रेजी, विज्ञान व अन्य विषयों की परीक्षा स्वयं भी दी होगी तथा अन्य विद्यार्थियों (छात्र-छात्राओं) को उपरोक्त विषयों की परीक्षा देते हुए अवश्य देखा होगा, परन्तु ढालियावास रोड स्थित मार्टिर जी.आर.अकेडमी “एक कदम बदलाव की ओर” शीर्षक पर परिलक्षित आध्यात्मिक ज्ञान, संस्कार, विचार, सहनशीलता, संतुष्ठा, क्रोध पर लगाम, तनावमुक्त जीवन शैली, निस्वार्थ सेवा भाव तथा पारिवारिक मूल्यों को शांति से परखने व उनको धारण करने के गुणों का सामर्थ्य प्रदान करने की कला भी छात्र-छात्राओं में विकसित करने का सार्थक प्रयास करती है।” विद्यालय की प्रिंसिपल मिसेज प्रवीण मैडम ने दाखिले के समय अभिभावकों से अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए एक बार मार्टियर जीआर एकेडमी में विजित करने की अपील की है क्योंकि आधुनिक और प्रतिस्पर्धा के इस युग में अभिभावकों में अपने बच्चों को बड़े से बड़े शिक्षण संस्थान में भेजने की होड़ लगी हुई है। बाइट :: मिसेज प्रवीण :: प्रिंसिपल मार्टियर जीआर एकेडमी ढालियावास भक्ति नगर रेवाड़ी।
