करनाल, 14 अप्रैल। केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में व्यक्ति का जीवन बहुत अधिक व्यस्त हो गया है। ऐसे में  हर व्यक्ति  योग को अपने जीवन का अंग आवश्यक बनाए और आहार को औषधि के रूप में ग्रहण करें ताकि हर व्यक्ति का शरीर को स्वस्थ, निरोगी रहे। योग सहायक इस कार्य के लिए केवल अपनी ड्यूटी न समझें बल्कि समर्पण भाव से आम लोगों को योग से जोड़ने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं। इससे स्वयं को भी संतुष्टि मिलेगी और जनता को भी लाभ होगा।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल मंगलवार को अपने प्रस्तावित दौरा कार्यक्रम के दौरान हरियाणा योग आयोग, व्यासा नई दिल्ली तथा आयुष विभाग करनाल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 15 दिवसीय योग एवं आहार चिकित्सा प्रशिक्षण शिविर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज के दिन का विशेष महत्व है। आज के दिन संविधान निर्माता भारत रत्न डा. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती और बैसाखी का पर्व है। इस खास दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य योग सहायकों की निपुणता बढ़ाना है ताकि वे योग आसन, योग क्रियाओं को सरल तरीके से योग शालाओं में ज्यादा से ज्यादा लोगों को सिखाएं और उन्हें योग के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि करनाल लोकसभा क्षेत्र से योग सहायकों के प्रशिक्षण की शुरुआत हुई है और इसे प्रदेश के अन्य जिलों तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने योग सहायकों का आह्वान किया कि प्रशिक्षण शिविर में योग शिक्षकों द्वारा योग को बढ़ावा देने के लिए जो जानकारी दी गई है, उसे जीवन में उतारकर आम लोगों तक पहुंचाए और उन्हें न केवल योग क्रियाओं के बारे बल्कि आहार के बारे में भी जागरूक करे। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से गांवों में व्यायामशालाएं स्थापित की गई है। इन्हें पवित्र स्थान समझें, व्यायामशालाओं में बनी शेड में ही लोगों को योग सिखाएं और योग कक्षाओं में लोगों की संख्या बढ़ाए। उन्होंने कहा कि योग सिखाने के साथ-साथ खान-पान के बारे में भी लोगों को जागरूक करे और एक डाइटिशियन की भी भूमिका निभाए। योग हमारे जीवन के लिए अत्यंत जरूरी है। योग करने से हमारा शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। योग करने से हम तनाव व आलस्य को दूर कर सकते है और नींद अच्छी आती है। योग हमारे स्वस्थ जीवन का आधार है। योग सिर्फ आसनों का संग्रह नहीं, बल्कि एक जीवन शैली है।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित योग सहायकों से संवाद किया और फीडबैक लिया। योग सहायकों ने अपने अनुभव सांझा करते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर में व्यासा बेंगलुरु से आए योग शिक्षक डा. अन्शुमन व डा. सलेश ने स्वास्थ्य लोगों व रोगियों तथा गर्भवती महिलाओं के लिए अलग-अलग तरीके से योग विधियों की विस्तार से जानकारी दी गई। इसके  अलावा पंचकोष, मंत्र उच्चारण के बारे में बताया गया। उन्होंने कहा कि मंत्र का अर्थ समझ कर उसे अपने जीवन में उतारें और समाज की भलाई का कार्य करे। मनोहर लाल ने अपने जीवन के अनुभव को सांझा करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में गीता के श्लोक कर्म किए जाओ, फल की चिंता मत करो  सुना और उसका अर्थ समझा तथा उसे अपने जीवन में उतारा। इस श्लोक को आत्मसात करने से मैं आज इस स्थान तक पहुंचा हूं।
इस अवसर पर आयुष विभाग से स्टेट एडमिनिस्टे्रटर ऑफिसर डा. दलीप मिश्रा,  व्यासा दिल्ली के निदेशक डा. रविंद्र मोहन ने इस प्रशिक्षण शिविर के महत्व के बारे मे जानकारी दी और मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इस अवसर पर उपायुक्त डा. आनंद कुमार शर्मा, सांसद प्रतिनिधि कविंद्र राणा, जिला आयुर्वेद अधिकारी डा. सतपाल, योग विशेषक डा. अमित पून्ज, जिला योग कोऑर्डिनेटर डा. राजपाल सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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