अम्बाला शहर, 11 अप्रैल 2026: फेडरेशन ऑफ सीनियर सिटीजन एवं पेंशनर्स एसोसिएशन की त्रैमासिक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें हरियाणा भर से सैकड़ों पेंशनरों ने भाग लिया। बैठक के दौरान उपस्थित पेंशनरों ने सरकार की नीतियों को लेकर नाराजगी व्यक्त की और अपनी लंबित मांगों पर शीघ्र समाधान की अपेक्षा जताई।

बैठक में विशेष रूप से एलटीसी (Leave Travel Concession) नियमों में किए गए बदलाव पर असंतोष व्यक्त किया गया। पेंशनरों का कहना था कि पहले चार वर्ष बाद एक माह के वेतन के बराबर एलटीसी का लाभ मिलता था, लेकिन अब इसे बदलकर यात्रा के खर्च की रसीद जमा करने की शर्त लगा दी गई है। 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के लिए इस नियम में विशेष छूट देने की मांग भी उठाई गई।

आयुष्मान कार्ड को लेकर भी पेंशनरों ने गंभीर चिंता व्यक्त की। बताया गया कि वर्ष 2012 से पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारियों का डाटा अभी तक सीएससी केंद्रों में उपलब्ध नहीं है, जिससे उनके आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। वहीं, जिन अस्पतालों को मान्यता दी गई है, वे भी कई जगह इन कार्डों को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

सभा में यह मुद्दा भी उठाया गया कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2021 में जारी आदेश के अनुसार पेंशन को अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत निर्धारित किया गया है, लेकिन हरियाणा सरकार ने अभी तक इसे लागू नहीं किया है। इस विषय पर पहले भी संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया गया।

इसके अलावा पेंशनरों ने मांग की कि 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पूरी करने पर अन्य राज्यों की तर्ज पर क्रमशः 5, 10 और 15 प्रतिशत की वृद्धि की जाए। बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कमी के कारण हो रहे आर्थिक नुकसान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया और कम्यूटेशन कटौती अवधि को 15 वर्ष से घटाकर 12 वर्ष करने की मांग की गई।

बैठक में एसोसिएशन के प्रधान बलदेव राज आनन्द ने सरकार से आग्रह किया कि पेंशनरों की समस्याओं के समाधान हेतु मुख्यमंत्री हरियाणा से मिलने के लिए पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को समय दिया जाए।

अंत में पेंशनरों ने समाचार पत्रों और अन्य माध्यमों से अपील की कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाए और शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।

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