विधायक ने किसानों से फसल अवशेष न जलाने का किया आह्वान
करनाल, 10 अप्रैल। विधायक जगमोहन आनंद ने बताया कि गेहूं की फसल की कटाई का कार्य शुरू हो चुका है। फसल कटाई के बाद किसान अक्सर फसल अवशेषों को आग लगा देते हैं ऐसा करने से न केवल हमारी भूमि की उर्वरा शक्ति कमजोर होती बल्कि हमारा पर्यावरण भी दूषित होता है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि खेतों में गेहूं की फसल कटाई के बाद फानों में आग न लगाएं, बल्कि उनका समुचित प्रबंधन करें। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष जलाने से हमारा पर्यावरण दूषित होता है जिसकी वजह से हमें भंयकर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। फसल अवशेष जलाने से हमारी पैदावार पर असर पड़ता और उत्पादन लागत अधिक और आमदनी कम हो जाती है। इसके अलावा पर्यावरण प्रदूषण, भूमि की उर्वरा शक्ति का कम होना, लाभदायक कीट/जीवाणुओं का समाप्त होना तथा मनुष्य के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। साथ ही सम्पत्ति व जान-माल की हानि का भी डर बना रहता है। साथ ही पशु चारे में कमी आती है जबकि इन फसल अवशेषों से तूड़ी बनाई जा सकती है।
