कुरुक्षेत्र, 12 मार्च। जिला मौलिक शिक्षा विभाग तथा लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन  के सहयोग से कुरुक्षेत्र में ‘विद्या वैभव’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कक्षा 4 और 5 के विद्यार्थियों की शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से ‘समर्थ’ कार्यक्रम का औपचारिक विमोचन किया गया तथा फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा रहे,  साथ ही कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार द्वारा की गई। उनके द्वारा कक्षा 4 और 5 के विद्यार्थियों के लिए तैयार ‘समर्थ’ कार्यक्रम का विमोचन किया गया। उपायुक्त ने कहा कि प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों की भाषा और गणितीय समझ को मजबूत बनाना अत्यंत आवश्यक है। यदि विद्यार्थियों का बुनियादी आधार मजबूत होगा तो वे आगे की पढ़ाई में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर बदलाव हो रहे हैं, इसलिए शिक्षकों को भी नई शिक्षण पद्धतियों और नवाचारों को अपनाना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे गतिविधि आधारित शिक्षा के माध्यम से बच्चों को सीखने के लिए प्रेरित करें, जिससे विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़े और उनका समग्र विकास हो सके। इस अवसर पर बताया गया कि कुरुक्षेत्र जिले के लगभग 200 विद्यालयों में लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन  के सहयोग से ‘समर्थ’ कार्यक्रम संचालित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य कक्षा 4 और 5 के विद्यार्थियों की पढऩे-समझने की योग्यता तथा सीखने के स्तर को सुदृढ़ बनाना है।
जिला परिषद की चेयरपर्सन कंवलजीत कौर ने कहा कि बच्चों की मजबूत नींव ही उनके उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला होती है। प्राथमिक स्तर पर दी जाने वाली गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों के आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को बढ़ाती है। उन्होंने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षकों की मेहनत और समर्पण से ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।
जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने कहा कि निपुण भारत मिशन के तहत प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों की पढऩे-लिखने और समझने की क्षमता को विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर ही सही दिशा में शिक्षा दी जाए तो वे आगे चलकर हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
इस कार्यक्रम की शुरुआत जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी इंदु कौशिक ने सभी अतिथियों और उपस्थित शिक्षकों का स्वागत करते हुए की। उन्होंने सभी को इस पहल के लिए बधाई देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों और गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धतियों के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों को अधिक प्रभावी और रोचक तरीके से शिक्षा प्रदान कर सकें। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों की पढऩे-लिखने और समझने की क्षमता में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।
इस कार्यक्रम के दौरान लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन के स्टेट मैनेजर तुषार पुंडीर ने ‘समर्थ’ कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस पहल के माध्यम से भाषा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों, नवाचारी शिक्षण विधियों और शैक्षणिक संसाधनों का उपयोग किया जाएगा, जिससे बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को और अधिक रोचक तथा प्रभावी बनाया जा सके। इस कार्यक्रम में जिले की एफएलएन कक्षाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कई शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र शिक्षा विभाग, लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन की टीम, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, एबीआरसी, बीआरपीएस तथा जिले के अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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