जिले में तीन स्थानों पर आयुष विभाग द्वारा नि:शुल्क आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित
कुरुक्षेत्र, 17 फरवरी
। आयुष विभाग कुरुक्षेत्र द्वारा जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा ने कहा कि गिलोय, आंवला, तुलसी, एलोवेरा व अश्वगंधा जैसे औषधीय पौधे स्वास्थ्य के लिए काफी गुणकारी हैं। इनका घर पर ही प्रयोग करके किसी भी बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। नागरिकों को इनके प्रयोग व गुणों के बारे में शिविर लगाकर जानकारी दी जा रही है।
आयुष विभाग कुरुक्षेत्र द्वारा जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा के मार्गदर्शन में मंगलवार को जिले के तीन स्थानों पर नि:शुल्क आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का उद्देश्य श्रमिक वर्ग एवं ग्रामीण क्षेत्र के आमजन को आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा उन्हें स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना रहा।
प्रथम शिविर आयुष आरोग्य मंदिर कलाल माजरा द्वारा जलखेरी भट्ठा पर आयोजित किया गया। शिविर में चिकित्सकों की टीम ने  भट्ठा मजदूरों की स्वास्थ्य जांच कर परामर्श दिया तथा आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट द्वारा नि:शुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। इस दौरान डॉ. संतोष ने दिनचर्या एवं ऋतुचर्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गिलोय, आंवला, तुलसी, एलोवेरा एवं अश्वगंधा जैसे औषधीय पौधों के गुण बताए। साथ ही रसोई में प्रयोग होने वाले मसालों के स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी गई। योग सहायक राय सिंह द्वारा योगाभ्यास करवाकर उसके लाभ समझाए गए।
द्वितीय शिविर आयुष आरोग्य मंदिर मुर्तजापुर द्वारा ग्राम सैंसा में लगाया गया। डॉ. महिपाल ने ग्रामीणों को दिनचर्या एवं ऋतुचर्या के पालन के लिए प्रेरित किया। आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट पंकज ने नि:शुल्क दवाइयां वितरित कीं। योग सहायक शिवकुमार एवं योग इंस्ट्रक्टर अनुराग रवीश ने योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास करवाया। इस अवसर पर ग्राम सैंसा के सरपंच कृष्ण कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
तृतीय शिविर आयुष आरोग्य मंदिर खडक़ाली की टीम द्वारा गांव जोगी माजरा में आयोजित किया गया। डॉ. सपना ने संतुलित खान-पान, दिनचर्या एवं ऋतुचर्या के बारे में विस्तार से जानकारी दी। आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट पूनम द्वारा नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं तथा योग सहायक प्रदीप कुमार ने उपस्थित लोगों को योगाभ्यास करवाया। तीनों शिविरों में स्वच्छता, जल जनित रोगों से बचाव, मच्छरों एवं मक्खियों से सुरक्षा तथा नीम, गुग्गुल धूप एवं तुलसी के उपयोग के बारे में भी जागरूक किया गया।
डॉ. मंजू शर्मा ने कहा कि आयुष विभाग द्वारा ऐसे शिविरों के माध्यम से आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति की सुविधाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे स्वयं एवं अपने परिवार के साथ इन स्वास्थ्य शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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