कुरुक्षेत्र 18 अगस्त जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल ने बताया कि जिला कुरुक्षेत्र में कुष्ठ रोग के छिपे हुए एवं प्रारंभिक मामलों की पहचान करने तथा प्रभावित व्यक्तियों को समय पर जांच एवं नि:शुल्क उपचार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1 सितंबर से 14 सितंबर 2026 तक एलसीडीसी/यूएलसीपी के तहत विशेष घर-घर सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की गठित टीमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच करेंगी तथा कुष्ठ रोग से संबंधित संभावित लक्षणों की पहचान करेंगी।
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल ने बताया कि अभियान का प्रमुख उद्देश्य उन नए एवं शुरुआती कुष्ठ रोगियों की पहचान करना है, जो अभी तक स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में नहीं आए हैं ताकि उनका समय रहते उपचार शुरू किया जा सके और बीमारी के कारण होने वाली जटिलताओं एवं दिव्यांगता को रोका जा सके। अभियान को प्रभावी एवं सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 213 सदस्यों की टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों में चिकित्सकों पीएमडब्ल्यू आशा कार्यकर्ताओं तथा वॉलंटियर्स को शामिल किया गया है। गठित टीमें निर्धारित अवधि के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों की जांच करेंगी और संदिग्ध मामलों की पहचान होने पर आवश्यक जांच एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में भेजेंगी। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग की पहचान के लिए विशेष रूप से त्वचा पर दिखाई देने वाले ऐसे हल्के या लाल रंग के दाग-धब्बों पर ध्यान दिया जाएगा जिनमें संवेदना कम अथवा समाप्त हो गई हो। इसके अलावा त्वचा के किसी हिस्से में सुन्नपन झनझनाहट कमजोरी अथवा नसों से संबंधित अन्य लक्षण पाए जाने पर भी स्वास्थ्य टीम द्वारा आवश्यक जांच की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि 1 सितंबर से 14 सितंबर 2026 तक चलने वाले घर-घर सर्वेक्षण अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों का पूर्ण सहयोग करें। टीम के सदस्य जब आपके घर पर स्वास्थ्य सर्वेक्षण के लिए पहुंचे तो परिवार के सभी सदस्यों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सही रूप से उपलब्ध करवाएं। यदि किसी व्यक्ति के शरीर पर हल्के या लाल रंग का ऐसा दाग-धब्बा है जिसमें संवेदना कम अथवा समाप्त हो गई है, या शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन अथवा नसों से संबंधित अन्य लक्षण हैं तो इसकी जानकारी स्वास्थ्य टीम को अवश्य दें। ऐसे लक्षणों को छिपाने अथवा नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच करवाना बीमारी से होने वाली जटिलताओं को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि कुष्ठ रोग एक उपचार योग्य बीमारी है। समय पर पहचान एवं नियमित उपचार से मरीज पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी सकता है। एमडीटी दवाइयां सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में नि:शुल्क उपलब्ध हैं। इसलिए किसी भी प्रकार के संदेह या लक्षण की स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर जांच एवं उपचार करवाना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य जिले में कुष्ठ रोग के नए एवं छिपे हुए मामलों की समय पर पहचान शीघ्र उपचार बीमारी से होने वाली जटिलताओं की रोकथाम तथा कुष्ठ रोग मुक्त समाज की दिशा में प्रभावी प्रयास करना है। इस अभियान की सफलता के लिए आमजन का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
शुरुआती पहचान से बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल ने बताया कि कुष्ठ रोग का समय पर पता लगना और उपचार शुरू होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। बीमारी की प्रारंभिक अवस्था में पहचान होने पर इसका प्रभावी उपचार संभव है। यदि कुष्ठ रोग का समय पर उपचार नहीं किया जाए तो आगे चलकर नसों को नुकसान हाथ-पैरों में कमजोरी संवेदना में कमी तथा अन्य जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि शरीर पर दिखाई देने वाले किसी भी संदिग्ध दाग-धब्बे अथवा सुन्नपन को सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। यदि किसी व्यक्ति को त्वचा पर ऐसा दाग दिखाई देता है जिसमें संवेदना कम या समाप्त हो गई है, तो वह तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान अथवा स्वास्थ्य विभाग की टीम से संपर्क करे।
ब्लॉक मथाना में भी चलाया जा रहा विशेष कुष्ठ रोग पहचान अभियान
ब्लॉक मथाना में भी कुष्ठ रोग पहचान अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार घर-घर पहुंचकर लोगों की जांच कर रही हैं। इस अभियान के माध्यम से कुष्ठ रोग के छिपे हुए एवं शुरुआती मामलों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि संभावित मरीजों की समय पर जांच करवाकर आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान के दौरान संदिग्ध पाए जाने वाले व्यक्तियों को आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य संस्थानों में जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध करवाया जाएगा। कुष्ठ रोग की पुष्टि होने पर मरीज को स्वास्थ्य विभाग की ओर से नि:शुल्क उपचार एवं एमडीटी दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएंगी।
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल ने बताया कि अभियान का प्रमुख उद्देश्य उन नए एवं शुरुआती कुष्ठ रोगियों की पहचान करना है, जो अभी तक स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में नहीं आए हैं ताकि उनका समय रहते उपचार शुरू किया जा सके और बीमारी के कारण होने वाली जटिलताओं एवं दिव्यांगता को रोका जा सके। अभियान को प्रभावी एवं सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 213 सदस्यों की टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों में चिकित्सकों पीएमडब्ल्यू आशा कार्यकर्ताओं तथा वॉलंटियर्स को शामिल किया गया है। गठित टीमें निर्धारित अवधि के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों की जांच करेंगी और संदिग्ध मामलों की पहचान होने पर आवश्यक जांच एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में भेजेंगी। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग की पहचान के लिए विशेष रूप से त्वचा पर दिखाई देने वाले ऐसे हल्के या लाल रंग के दाग-धब्बों पर ध्यान दिया जाएगा जिनमें संवेदना कम अथवा समाप्त हो गई हो। इसके अलावा त्वचा के किसी हिस्से में सुन्नपन झनझनाहट कमजोरी अथवा नसों से संबंधित अन्य लक्षण पाए जाने पर भी स्वास्थ्य टीम द्वारा आवश्यक जांच की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि 1 सितंबर से 14 सितंबर 2026 तक चलने वाले घर-घर सर्वेक्षण अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों का पूर्ण सहयोग करें। टीम के सदस्य जब आपके घर पर स्वास्थ्य सर्वेक्षण के लिए पहुंचे तो परिवार के सभी सदस्यों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सही रूप से उपलब्ध करवाएं। यदि किसी व्यक्ति के शरीर पर हल्के या लाल रंग का ऐसा दाग-धब्बा है जिसमें संवेदना कम अथवा समाप्त हो गई है, या शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन अथवा नसों से संबंधित अन्य लक्षण हैं तो इसकी जानकारी स्वास्थ्य टीम को अवश्य दें। ऐसे लक्षणों को छिपाने अथवा नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच करवाना बीमारी से होने वाली जटिलताओं को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि कुष्ठ रोग एक उपचार योग्य बीमारी है। समय पर पहचान एवं नियमित उपचार से मरीज पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी सकता है। एमडीटी दवाइयां सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में नि:शुल्क उपलब्ध हैं। इसलिए किसी भी प्रकार के संदेह या लक्षण की स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर जांच एवं उपचार करवाना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य जिले में कुष्ठ रोग के नए एवं छिपे हुए मामलों की समय पर पहचान शीघ्र उपचार बीमारी से होने वाली जटिलताओं की रोकथाम तथा कुष्ठ रोग मुक्त समाज की दिशा में प्रभावी प्रयास करना है। इस अभियान की सफलता के लिए आमजन का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
शुरुआती पहचान से बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल ने बताया कि कुष्ठ रोग का समय पर पता लगना और उपचार शुरू होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। बीमारी की प्रारंभिक अवस्था में पहचान होने पर इसका प्रभावी उपचार संभव है। यदि कुष्ठ रोग का समय पर उपचार नहीं किया जाए तो आगे चलकर नसों को नुकसान हाथ-पैरों में कमजोरी संवेदना में कमी तथा अन्य जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि शरीर पर दिखाई देने वाले किसी भी संदिग्ध दाग-धब्बे अथवा सुन्नपन को सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। यदि किसी व्यक्ति को त्वचा पर ऐसा दाग दिखाई देता है जिसमें संवेदना कम या समाप्त हो गई है, तो वह तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान अथवा स्वास्थ्य विभाग की टीम से संपर्क करे।
ब्लॉक मथाना में भी चलाया जा रहा विशेष कुष्ठ रोग पहचान अभियान
ब्लॉक मथाना में भी कुष्ठ रोग पहचान अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार घर-घर पहुंचकर लोगों की जांच कर रही हैं। इस अभियान के माध्यम से कुष्ठ रोग के छिपे हुए एवं शुरुआती मामलों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि संभावित मरीजों की समय पर जांच करवाकर आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान के दौरान संदिग्ध पाए जाने वाले व्यक्तियों को आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य संस्थानों में जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध करवाया जाएगा। कुष्ठ रोग की पुष्टि होने पर मरीज को स्वास्थ्य विभाग की ओर से नि:शुल्क उपचार एवं एमडीटी दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएंगी।
