-20 अप्रैल को साइक्लोथॉन-2.0 (साइकिल यात्रा) जिला पंचकूला से शुरू होकर बरवाला होते हुए शहजादपुर  और पतरेहड़ी, कड़ासन होते हुए पिलखनी-अम्बाला पहुंचेगी।

नारायणगढ़, 17 अप्रैल।   हरियाणा उदय आउटरीच कार्यक्रम के अन्तर्गत ड्रग फ्री हरियाणा का संदेश लेकर साइक्लोथॉन-2.0 (साइकिल यात्रा) 19 अप्रैल को उपमण्डल नारायणगढ़ में प्रवेश करेगी। यह साइकिल यात्रा जिला यमुनानगर से उपमण्डल नारायणगढ़ पहुंचेगी जहां पर इसका जगह-जगह स्वागत किया जाएगा। इस बारे में जानकारी देते हुए एसडीएम शाश्वत सांगवान ने बताया कि नशा मुक्ति अभियान को लेकर यह साइक्लोथॉन-2.0 (साइकिल यात्रा) 5 अप्रैल से हिसार से शुरू हुई है जोकि प्रदेश के सभी 22 जिलों को कवर करते हुए ड्रग फ्री हरियाणा का संदेश दे रही है।
नारायणगढ़ में यह साइक्लोथॉन-2.0 (साइकिल यात्रा) सढौरा जिला यमुनानगर से होते हुए मारकण्डा पुल से होकर वाया अम्बली होते हुए नारायणगढ़ पहुंचेगी यहां से यह गांव लाहा होते हुए जिला पंचकूला के कस्बा रायपुररानी पहुंचेगी। इसी प्रकार 20 अप्रैल को साइक्लोथॉन-2.0 (साइकिल यात्रा) जिला पंचकूला से शुरू होकर बरवाला होते हुए शहजादपुर  और पतरेहड़ी, कडासन होते हुए पिलखनी-अम्बाला पहुंचेगी।
एसडीएम ने उपमण्डल के लोगों से आह्वान किया है कि वे ड्रग फ्री हरियाणा का संदेश लेकर निकाली जा रही है इस साइक्लोथॉन-2.0 (साइकिल यात्रा) में बढ-चढ कर भाग लें और हरियाणा को नशा मुक्त बनाने में अपना योगदान दें।
उन्होंने कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर नशा मुक्त हरियाणा बनाना है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में ग्राम पंचायतों, शिक्षण संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), विभिन्न एसोसिएशनों, खिलाड़ी, संस्थाएं तथा युवा वर्ग इस मुहिम का हिस्सा बने और साइक्लोथॉन में भाग लेकर जन-जन तक हरियाणा को नशा मुक्त बनाने का संदेश पहुंचायें।
उन्होंने कहा कि साइक्लोथॉन-2.0 (साइकिल यात्रा) को सफल बनाने को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों/कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई है। बीडीपीओं जोगेश कुमार ने बताया कि साइक्लोथॉन-2.0 (साइकिल यात्रा) के मार्ग में आने वाले गांवों में ग्राम पंचायतों एवं ग्रामवासियों द्वारा उत्साह एवं जोश के साथ स्वागत किया जाएगा।

-उपमण्डल स्तर पर आयोजित समाधान शिविर में एसडीएम शाश्वत सांगवान ने सुनी लोगों की समस्याएं ।
नारायणगढ़, 17 अप्रैल।      उपमण्डल स्तर पर आयोजित समाधान शिविर में एसडीएम शाश्वत सांगवान ने लोगों की समस्याएं सुनी और सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिये। समाधान शिविर में विभिन्न विभागों से सम्बंधित 10 शिकायतें आई जिनमें परिवार पहचान पत्र, बिजली, प्रॉपर्टी आईडी आदि से सम्बंधित थी।
एसडीएम ने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान कर इसकी रिर्पोट उन्हेें दे। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार समाधान शिविर सोमवार व वीरवार को सुबह 10 बजें से 12 बजें तक आयोजित किए जा रहें है। इन शिविरों की मोनिटरिंग वीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री महोदय एवं उनके कार्यालय  द्वारा कि जाती है।
समाधान शिविर में गांव बेरखेड़ी के विक्रमजीत, छोटी कोहडी की परमजीत कौर ने परिवार पहचान पत्र में आय कम करवाने तथा गांव दूधली की सोनिया ने परिवार पहचान पत्र से सम्बंधित अपनी समस्या रखी। वार्ड 8 के मनीष कुमार ने प्रॉपर्टी आईडी से सम्बंधित समस्या रखी, गांव बेरखेड़ी के जरनैल सिंह ने खेत के रास्ते से पेड़ कटवाने से सम्बंधित, लाहा के रमेश कुमार ने बिजली की तार टूटने एवं फसल में आग लगने से हुए नुकसान के बारे में तथा गांव हमीदपुर के सतपाल ने समस्या रखी कि उसके पास कोई गाड़ी नहीं है, लेकिन परिवार पहचान पत्र में उसके पास गाड़ी दिखाई हुई है, उसे पीपीपी से हटवाया जाए।
इस अवसर पर नायब तहसीलदार संजीव अत्री, बिजली निगम के एसडीओ दलीप सिंह, एएसआई एवं डीएसपी कार्यालय के रीडर रोहताश कुमार, जनस्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता जसपाल सिंह, क्रिड से कुनाल बख्शी एवं राजीव सहित अन्य विभागों के अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे।

राजकीय महिला महाविद्यालय शहजादपुर में हुआ वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह, पूर्व विधायक डॉ. पवन सैनी ने की बतौर मुख्यतिथि शिरकत।
शिक्षा ही महिला सशक्तिकरण की कुंजी है-डॉ. पवन सैनी।
शाहजादपुर, 17 अप्रैल।  राजकीय महिला महाविद्यालय, शाहजादपुर में आयोजित वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह ने शिक्षा, संस्कृति और सशक्तिकरण का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। इस गरिमामयी अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक डॉ. पवन सैनी उपस्थित रहे, जिन्होंने छात्राओं के प्रयासों को सराहा और उनके भविष्य के लिए प्रेरक शब्द दिए।
कार्यक्रम में सबसे पहले मुख्य अतिथि डॉ. पवन सैनी द्वारा पौधारोपण किया गया तत्पश्चात दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ जिसने पूरे सभागार को ज्ञान और उत्साह से भर दिया। छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन  किया।
मुख्य अतिथि डॉ. पवन सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि आज की यह पुरस्कृत छात्राएं न केवल अपने परिवार का गौरव बढ़ाएंगी, बल्कि समाज में भी बदलाव की प्रेरणा बनेंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही महिला सशक्तिकरण की कुंजी है। उन्होंने महाविद्यालय के शैक्षणिक माहौल और छात्राओं के समग्र विकास की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाये है। महिला शिक्षा को बढावा देने के लिए 30 महिला कालेज खोले गये है जिनमें से एक बडागढ स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय शहजादपुर भी शामिल है। उन्होने कहा कि इस महाविद्यालय के खुलने से क्षेत्र की लड़कियों को अब उच्च शिक्षा के लिए बाहर के कालेजों में नहीं जाना पड़ता है।उन्होने छात्राओं से कहा कि वे लक्ष्य निर्धारित कर अपनी पढाई करें और उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी मेहनत से शिक्षा ग्रहण करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में आज हर क्षेत्र में प्रदेश आगे बढ रहा है और शिक्षा के क्षेत्र में भी हमारे बच्चें पीछे न रहे इसके लिए विशेष तौर पर ध्यान दिया जा रहा है और योजनाएं बनाई गई है।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. उमेश भारती ने कहा कि हमारी छात्राएं शिक्षा, खेल और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। यह पुरस्कार उनकी कड़ी मेहनत और लगन को प्रोत्साहन देने का एक छोटा सा प्रयास है।
इस अवसर पर वर्ष की सर्वश्रेष्ठ छात्रा और विभिन्न विषयों की टॉपर छात्राओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इनमें विज्ञान, कला, वाणिज्य और अन्य विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राएं शामिल थीं। बी एस सी द्वितीय वर्ष की काजल को वर्ष की सर्व श्रेष्ठ छात्रा के रूप में पुरस्कृत किया गया जिसे प्रशंसा पत्र और ट्रॉफी के अतिरिक्त लक्ष्मी देवी मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट, पंचकुला के तरफ से 2100 रूपये का नकद पुरस्कार दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. कश्मीर सिंह ने मुख्य अतिथि, अतिथियों, शिक्षकों और छात्राओं का आभार व्यक्त किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। राजकीय महिला महाविद्यालय, अम्बाला शहर की प्राचार्या डॉ. खुशीला और राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय, साहा की प्राचार्या डॉ. रेनु ऋषि ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शिरकत की।

राजकीय महाविद्यालय नारायणगढ़ में इतिहास विभाग के तहत विस्तार व्याख्यान  का आयोजन किया गया।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद इद्रीश ने मध्यकालीन साहित्य और इतिहास व सूफी संतों की विचारधारा से अवगत करवाया।
विस्तार व्याख्यान  जैसे आयोजनों से विद्यार्थियों का मानसिक, आध्यात्मिक व सर्वांगीण विकास होता है-प्रोफेसर संजीव कुमार।
नारायणगढ़, 17 अप्रैल।   राजकीय महाविद्यालय नारायणगढ़ में प्राचार्या डॉ. ख़ुशीला के निर्देशन में इतिहास विभाग के तहत विस्तार व्याख्यान  का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद इद्रीश पूर्व अध्यक्ष इतिहास विभाग पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से रहे। जिनका विषय मध्यकालीन साहित्य और इतिहास व सूफी संतों की विचारधारा रहा।
मुख्य वक्ता डॉ. इद्रीस ने मध्यकालीन भारत के साथ-साथ सूफी मत के उदभव व विकास पर प्रकाश डालते हुये भारतीय समाज पर पड़े उनके गहरे समन्वय वादी प्रभावों को रेखांकित किया।
विद्यार्थियों नें संबंधित विषयों पर महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका मुख्य वक्ता ने विस्तृत उत्तर दिए। इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. संजीव कुमार ने इस आयोजन के लिए प्राचार्या व मुख्य वक्ता का धन्यवाद किया और विषयों पर चर्चा के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस प्रकार के कार्यक्रम में बढ़ चढक़र भाग लेने के लिए उत्साहित किया। इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों का मानसिक, आध्यात्मिक व सर्वांगीण विकास होता है जिससे वह अपने जीवन को सफल, सशक्त और आत्मनिर्भर बना सकते है।
प्रो.नरेश कुमार द्वारा मंच का संचालन करते हुए मुख्य वक्ता की शैक्षणिक व शोध उपलब्धियों से अवगत कराया। इस मौके पर प्रोफेसर संजीव अंग्रेजी विभाग, प्रोफेसर सुभाष कुमार, प्रोफेसर रेनू कुमारी, डॉ बलदेव, प्रो.प्रवीन कुमार उपस्थित रहे।
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By Dr. Rajesh Wadhwa

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