अंबाला, 20 नवम्बर। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. जसविन्द्र सिंह ने कहा कि अब 10वीं पास युवा भी डिप्लोमा करने के बाद बीज, खाद व दवाई बेचने संबंधित लाइसेंस ले ले सकेंगे। क्योंकि हरियाणा एग्रीकल्वर मैनेजमेंट एक्सटेंशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (हमेटी) द्वारा 10वीं पास युवाओं को डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विसेज फार इनपुट डीलर (बेसी) कराया जाएगा। 48 सप्ताह का प्रशिक्षण करने के बाद डिप्लोमा देगा। इसको लेकर सप्ताह में एक दिन क्लास लगेगी। इस डिप्लोमा के आधार पर भारत के किसी भी राज्य में बीज खाद व दवाई बेचने का लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि डिप्लामा के बाद लाइसेंस उनके द्वारा ही दिया जाएगा। डिप्लोमा की फीस 20 हजार रूपये देनी होगी। उन्होंने बताया कि अब तक केवल उन्हीं व्यक्तियों का डिप्लोमा कराया जाता था. जो लोग पहले ही उक्त व्यवसाय को करते आ रहे है और उनके पास लाइसेंस है। पहले खाद बीज की डीलरशीप के लाइसेंस के लिए डिप्लोमा की कोई शर्त नहीं थी। लेकिन भारत सरकार ने खाद बीज व दवाई के डीलर्स के लिए ये डिप्लोमा अनिवार्य किया है।
बिना डिप्लोमा नहीं बनेंगे लाइसेंस: उप कृषि निदेशक
उप कृषि निदेशक ने बताया कि डिप्लोमा के बिना लाइसेंस नहीं बनेगा। इसके लिए इसके लिए इन एग्रीकल्वर एक्सटेंशन सर्विस फार इनपुट डीलर डिप्लोमा जरूर करना होगा। इसके बाद ही नए पुराने लाइसेंस रिन्यू हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि कोर्स करने के बाद विडंताओं को खाद बीज व कीटनाशक दवाइयों की बेहतर जानकारी होगी। इससे वो किसानों को सही जानकारी दे सकेंगे। बाजार में नकली खाद बीज की समस्या से काफी हद तक छुटकारा मिलेगा। उन्होंने बताया कि किसान अपने खेत के लिए बीज उद्देस्क और कीटनाशक दुकान से खरीदता है। ऐसे में जरूरी है कि इस संबंध में उत्तों बुनियादी ज्ञान होना जरूरी हैं।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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