कुरुक्षेत्र 8 अगस्त

इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक प्रभारी डा धर्म पाल ने बताया की हमारे जीवन में दिन-प्रतिदिन बढ़ते तनाव के कारण आजकल मनोवैज्ञानिकों की मांग काफी बढ़ रही है। अब मनोवैज्ञानिकों के पास जाना वर्जित नहीं माना जाता है, जबकि विगत कुछ वर्षों तक लोग मनोवैज्ञानिक के पास जाना पसंद नहीं करते थे। आजकल कुछ विद्यालयों और महाविद्यालयों में मनोवैज्ञानिक या परामर्शदाता की नियमित व्यवस्था की जाती है। यह व्यवस्था विद्यार्थियों और अध्यापकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है। अधिकतर लोकप्रिय शाखाओं के अलावा औद्योगिक तथा खेल मनोविज्ञान जैसे क्षेत्रों में भी नौकरी के अवसर बढ़े हैं। ये दोनों शाखाएं अभी भी भारत में प्रारंभिक या मूल अवस्था में है, लेकिन इसके विकास की संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।
क्षेत्रीय निदेशक प्रभारी डा धर्म पाल बताया कि अन्य व्यवसायों की औसत दर के समान ही तीव्र गति से मनोवैज्ञानिकों की भी मांग बढ़ रही है। स्वास्थ्य देखभाल संबंधी रोजगार के अवसर बढ़ते जा रहे हैं। इसी प्रकार मनोविकार तथा आचरण संबंधी दुर्व्यवहार के उपचार के क्लीनिक भी खुलते जा रहे हैं। स्कूलों, सामाजिक सेवा की सरकारी एजेंसियों तथा प्रबंधन परामर्श सेवाओं में भी रोजगार के अनगिनत द्वारा खुल गए हैं। सर्वेक्षण, डिजाइन, विश्लेषण और अनुसंधान के क्षेत्र में कंपनियां मनोवैज्ञानिकों की विशेषज्ञता का लाभ उठा रही हैं ताकि बाजार मूल्यांकन एवं सांख्यिकीय विश्लेषण किया जा सके। इस क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं 12वीं तथा अधिकांश विश्वविद्यालयों में बीए स्तर पर मनोविज्ञान विषय पढ़ाया जाता है। स्नातक के बाद विद्यार्थी मनोविज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री की पढ़ाई कर सकता है। इग्नू स्नातकोत्तर स्तर पर मनोविज्ञान में एमए करवाती है जिसकी कुल फीस 18600 और विद्यार्थी को प्रतिवर्ष 9300 रुपये जमा करनी है। इस पाठ्यक्रम को पूरा करने की न्यूनतम अवधि 2 वर्ष और अधिकतम अवधि 4 वर्ष है। कार्यक्रम में दाखिला लेने की अंतिम तिथि 14 अगस्त 2024 है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

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