कुरुक्षेत्र, 25 जुलाई। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विजन के अनुरूप प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में स्टूडेंट्स वेलफेयर कमेटी (छात्र कल्याण समिति) का गठन किया गया है। ये समितियां प्रत्येक विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) के मार्गदर्शन एवं देखरेख में कार्य करेंगी। हाल ही में पिंजौर में आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशभर से आए 210 छात्र कल्याण समिति सदस्यों को संबोधित किया, जिसमें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की टीम ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. ए.आर. चौधरी ने छात्र कल्याण समिति की टीम को प्रशिक्षण शिविर में भेजने की अनुमति प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का भी धन्यवाद किया। इसी क्रम में शनिवार को एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय के सामने स्थित पार्क में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा अधिक से अधिक पौधे लगाकर हरित एवं स्वच्छ वातावरण का निर्माण करना था।
इस अवसर पर प्रो. ए.आर. चौधरी ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी माता के सम्मान में एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति, मातृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। सभी नागरिकों को इस अभियान से जुड़कर इसे जन-आंदोलन का रूप देना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्य सुरक्षा अधिकारी एवं एनएसएस प्रभारी डॉ. आनंद, पर्यावरण अध्ययन संस्थान एवं इको क्लब की डिप्टी नोडल अधिकारी डॉ. मीनाक्षी सुहाग तथा आईटीटीआर के डॉ. दिविज ने भी पौधारोपण किया।
कार्यक्रम में डीएसडब्ल्यू कार्यालय के स्टाफ सदस्य ’’हरपाल सिंह, प्रवीण कुमार, योगेश कुमार, प्रदीप कुमार तथा डॉ. संतोष कुमार के अलावा हाल ही में पिंजौर प्रशिक्षण शिविर से लौटे यूथ वेलफेयर कमेटी (छात्र कल्याण समिति) के सदस्य भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
