फिनिक्स क्लब के भव्य समारोह में शिक्षकों का सम्मान, ज्ञानानंद महाराज ने श्रीकृष्ण को बताया आदर्श गुरु
एक शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देता, बल्कि विद्यार्थी की शंकाओं का समाधान कर उसे जीवन की सही दिशा भी दिखाता है। ठीक उसी प्रकार जैसे महाभारत के युद्ध से पहले मोह और संशय में घिरे अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का ज्ञान देकर कर्तव्य का मार्ग दिखाया था।
कुरुक्षेत्र के गीता ज्ञान संस्थानम् में आयोजित भव्य शिक्षक गौरव सम्मान समारोह में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने श्रीमद्भगवद्गीता और शिक्षक के इसी गहरे संबंध को समझाया। फिनिक्स क्लब द्वारा आयोजित समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 350 से अधिक शिक्षकों को गौरव सम्मान प्रदान किया गया।
गौरतलब है कि शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार देर शाम सामाजिक संस्था फिनिक्स क्लब की ओर से गीता ज्ञान संस्थानम् स्थित ऑडिटोरियम में भव्य शिक्षक गौरव सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न राजकीय और निजी विद्यालयों के प्राचार्यों, निदेशकों तथा शिक्षकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
समारोह के मुख्य आकर्षण गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज रहे। उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान सनातन है और हर युग में प्रासंगिक रहा है। गीता स्वयं एक शिक्षक की तरह मनुष्य की शंकाओं और समस्याओं का समाधान करके उसके जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है।
स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि शिक्षकों को नियमित रूप से गीता का अध्ययन और मनन करना चाहिए। इससे व्यक्ति के भीतर कर्तव्यबोध की भावना मजबूत होती है और वह जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी उचित निर्णय लेने में सक्षम बनता है।
उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि युद्ध शुरू होने से पहले अर्जुन मोह, असमंजस और अनेक शंकाओं से घिरे हुए थे। उन्हें अपना कर्तव्य और आगे का मार्ग दिखाई नहीं दे रहा था। उस समय भगवान श्रीकृष्ण ने एक आदर्श शिक्षक की भूमिका निभाते हुए अर्जुन की सभी शंकाओं का समाधान किया और उन्हें कर्तव्य का बोध कराया।
ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक की भूमिका भी बिल्कुल ऐसी ही होती है। शिक्षक अपने विद्यार्थियों की समस्याओं और जिज्ञासाओं का समाधान कर उन्हें सफलता, संस्कार और उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ाता है। एक अच्छे शिक्षक द्वारा दिया गया ज्ञान विद्यार्थी का जीवन बदल सकता है।
कार्यक्रम में हरियाणा कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के चेयरमैन सुभाष कलसाना ने भी शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वह स्वयं शिक्षक रहे हैं और राजनीति के क्षेत्र में आने के बाद भी अपनी पहचान एक शिक्षक के रूप में ही मानते हैं।
सुभाष कलसाना ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल कुछ महीनों या वर्षों तक सीमित नहीं रहती। एक शिक्षक की शिक्षा, उसके संस्कार और उसका प्रभाव विद्यार्थी के जीवन में हमेशा बना रहता है। उन्होंने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देश की भावी पीढ़ी तैयार करने में शिक्षकों के योगदान की सराहना की।
समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक और जिला गणित विशेषज्ञ डॉ. संजय कौशिक ने स्वामी ज्ञानानंद महाराज तथा सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए फिनिक्स क्लब का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि फिनिक्स क्लब ने पूरी पारदर्शिता के साथ सम्मान के लिए शिक्षकों का चयन किया है। ऐसे आयोजनों से शिक्षकों में कर्तव्यबोध बढ़ता है और उन्हें और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
फिनिक्स क्लब के अध्यक्ष कीर्ति खोसला ने संस्था की सामाजिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि क्लब शिक्षा और समाजसेवा से जुड़े ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित करता रहेगा।
समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले 350 से अधिक शिक्षकों को गौरव सम्मान देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर शिक्षकों के चेहरों पर गर्व और खुशी साफ दिखाई दी।
इस अवसर पर हरियाणा कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के चेयरमैन सुभाष कलसाना, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक, जिला गणित विशेषज्ञ डॉ. संजय कौशिक, फिनिक्स क्लब के अध्यक्ष कीर्ति खोसला, सचिव दिनेश छाबड़ा, कोषाध्यक्ष दिनेश अनेजा, क्लब के पूर्व प्रधान डॉ. राजेश वधवा और डॉ. राम मेहर अत्री सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मंच संचालन फिनिक्स क्लब के पूर्व प्रधान डॉ. राजेश वधवा और प्राध्यापक सतबीर कौशिक ने किया।
कुरुक्षेत्र में आयोजित शिक्षक गौरव सम्मान समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शिक्षक केवल विद्यार्थी को पढ़ाता नहीं, बल्कि उसका व्यक्तित्व गढ़ता है और जीवन की हर चुनौती का सामना करने की दिशा दिखाता है।
जैसे भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन की शंकाओं को दूर कर उन्हें कर्तव्य का मार्ग दिखाया था, वैसे ही एक शिक्षक अपने विद्यार्थी के अज्ञान और भ्रम को दूर कर उसके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखता है।
फिनिक्स क्लब द्वारा 350 से अधिक शिक्षकों को दिया गया यह सम्मान केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में लगे पूरे शिक्षक समाज का गौरव है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *