2013 में सरकार ने 36 पिछड़े खंडों में हरियाणा बैकवर्ड ब्लॉक एजुकेशनल सोसायटी के अंतर्गत ये स्कूल खोले थे।यह सोसायटी पहले केंद्र सरकार से वित्त पोषित थी, जिसे बाद में प्रदेश सरकार ने अपने अधीन ले लिया। 36 आरोही मॉडल विद्यालयों का मेधावी स्टाफ नियमितिकरण की बाट जोहते हुए शोषण का शिकार बना हुआ है । ज्ञात हो कि पिछले 5 वर्षों में शिक्षा निदेशालय की तरफ से संतोषजनक 5 वर्ष पूर्ण कर चुके आरोही मॉडल विद्यालय के शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों के केस 04 बार मांगे जा चुके हैं। बावजूद इसके भी अभी तक नियमितकरण की फाइल दफ्तरों के चक्कर ही काट रही है तथा किसी-किसी मेज पर तो दो-दो महीने तक धूल फांक रही है। अभी हाल ही में पिछले साल 11 महीने पहले 21 जुलाई 2023 को शिक्षा विभाग के तत्कालीन अतिरिक्त निदेशक महोदय हरियाणा सरकार के धुरंधर प्रशासनिक अधिकारी माननीय श्री राजेश खुल्लर जी की अध्यक्षता में आरोही मॉडल स्कूल सोसायटी की गवर्नमेंट बॉडी की मीटिंग हुई थी। जिसमें की आरोही मॉडल सोसायटी के नियमों पर चर्चा करते हुए। इनके 5 वर्ष पूरे कर चुके शिक्षक तथा गैर शिक्षक कर्मचारियों को नियमित करने का निर्णय लिया गया था। उस गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में शिक्षा विभाग के समस्त आला अधिकारी, लगभग चार या पांच के करीब IAS तथा इतने ही HCS तथा उच्च स्तर के अधिकारियों ने शिरकत की थी तथा समस्त नियमों पर चर्चा करते हुए यह प्रस्ताव पारित किया गया कि आरोही मॉडल विद्यालयों के  कर्मचारी 5 वर्ष की सेवा संतोषजनक रूप से पूर्ण कर चुके हैं उनको भी नियमित किया जाएगा। परंतु इसके बावजूद  शिक्षा निदेशालय के अधिकारी इस मामले में कोई भी तीव्रता व रुचि नहीं दिख रहे हैं।
यहां चल रहे हैं आरोही स्कूलl
पानीपत के गांव छज्जूकलां, पलवल के रामगढ़, अली ब्राह्मण, लड़ियका, गदपुरी, मेवात के हसनपुर बिलोंडा, मोहम्मदपुर नगर, नूंह केरेवासन, पुन्हाना के मुंडेट, बावला, फतेहाबाद के सरवरपुर, दुलत, बनगांव, रतिया के जालूपुर, टोहाना के कनहेरी, महेंद्रगढ़ के मनधाना, कैथल के ग्यौंग, कलायत के रामगढ़ पंदवा, राजौंद के सोंगरी, जींद के हसनपुर, नरवाना के नारायणगढ़, उचाना के घेसुंखुर्द, हिसार के अग्रोहा, बरवाला के गेबीपुर, हांसी के घिराई, भिवानी रोहिला, खेरी लोचब, उकलाना, भिवानी के तोशाम, सिवानी खेरा, सिरसा के झीरी, कालूवाना, खारी सुरेरा, नौथसरी कलां, रानिया के मोहम्मद पुरिया।
आरोही मॉडल स्कूल स्टाफ एसोसिएशन के प्रधान मनोज कुमार का कहना है कि पिछले पांच वर्षों में इन स्कूलों के कई बच्चे आईआईटी और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने में सफल रहे हैं। 36 आरोही मॉडल स्कूल ने शिक्षा के क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान रचे हैं।
 धरातल पर अगर देखा जाए तो इन स्कूलों में  स्टाफ की कमी होते हुए भी मौजूदा स्टाफ ने कभी भी इन विद्यालयों के शिक्षा परिणाम को नीचे नहीं गिरने दिया। अगर हम हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का इतिहास देखें तो जब से यह विद्यालय खुले हैं प्रतिवर्ष टॉप 10 में आरोही विद्यालयों के विद्यार्थी रहते हैं। परंतु सरकार और निदेशालय की बेरुखी से इन अध्यापकों का मानसिक शोषण लगातार बना हुआ है l. सरकार की अनदेखी के चलते एसोसिएशन ने  आज घोषणा की कि अगर उनकी नियमितीकरण की मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे 20 जुलाई से अमरन अनशन पर जा सकते हैं। आरोही मॉडल स्कूल स्टाफ एसोसिएशन के प्रधान ने बताया कि सरकार की नीतियों के कारण वे अपने अधिकारों से वंचित हो रहे हैं और अब उनके पास अनशन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकपिछले 10 वर्षों  से अपने हक की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। शिक्षक संघ ने समाज के सभी वर्गों से इस आंदोलन में सहयोग करने की अपील की है, ताकि वे अपने हक की लड़ाई को सफल बना सकें।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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