हरियाणा में साइबर क्रिमिनल्स ने ठगी का ट्रेंड बदल दिया है। अब साइबर अपराधी आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AEPS) में पड़े लोगों के दस्तावेजों से उंगलियों और अंगूठे के निशान उठा रहे हैं। साथ ही क्लोन बनाकर लाखों रुपए की ठगी कर रहे हैं। राज्य में अब तक इस प्रकार से हुई ठगी की 400 शिकायतें हरियाणा पुलिस को मिल चुकी हैं।

कैसे देते हैं ठगी को अंजाम

हरियाणा पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि क्रिमिनल विभिन्न वेबसाइटों पर उपलब्ध सेल डीड या अन्य जरूरी दस्तावेजों से अंगूठे और उंगलियों के निशान लेकर क्लोनिंग कर रहे हैं। इसके बाद वह यह जांच करते हैं कि क्या आधार संख्या किसी बैंक खाते से जुड़ी हुई है। इन खातों को शॉर्ट लिस्ट करके ठगी करते हैं।

क्लोनिंग में बटर पेपर का करते हैं प्रयोग

सिलिकॉन अंगूठे बनाने के लिए साइबर क्रिमिनल्स बटर पेपर पर उंगलियों और अंगूठे का निशान लेते हैं। इसके बाद शॉर्ट लिस्ट खातों से लिए दस्तावेजों के जरिए फर्जी ऑनलाइन खाता बनाते हैं। खाता बनने के बाद बायोमेट्रिक डिवाइस और क्लोन किए गए सिलिकॉन फिंगर प्रिंट का उपयोग करके लेनदेन शुरू करने के लिए किसी भी भुगतान ऐप में लॉगिन करते हैं।

बचाव का सिर्फ यही तरीका
यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) में एक नया सिक्योरिटी फीचर पेश किया है। इस फीचर का नाम फिंगर प्रिंट ‘लाइवलीनेस’ है, जिससे AEPS के जरिए पैसा निकालने के लिए फेक फिंगरप्रिंट्स के यूज को रोकने में मदद मिलेगी। इस नए सिक्योरिटी फीचर को सॉफ्टवेयर अपग्रेड के जरिए AEPS पॉइंट ऑफ सेल (PoS) मशीनों में ऐड कर दिया गया है।

क्या बोले ADGP (अपराध)

हरियाणा पुलिस के ADGP (अपराध) ओपी सिंह ने कहा कि अभी तक मिली शिकायतों में जांच जारी है। कुछ मामलों की जांच पूरी हो चुकी है, जिनमें 18 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। सिंह ने राज्य के लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक रहने की अपील की है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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