पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में मेरठ बंद, व्यापारियों और डॉक्टरों ने किया पैदल मार्च
पहलगाम में आतंकी हमले की घटना के विरोध में शनिवार को संयुक्त व्यापार संघ के दोनों गुटों द्वारा मेरठ बंद की घाेषणा की थी। बुढ़ाना गेट स्थित मंगल पांडे प्रतिमा…
पहलगाम में आतंकी हमले की घटना के विरोध में शनिवार को संयुक्त व्यापार संघ के दोनों गुटों द्वारा मेरठ बंद की घाेषणा की थी। बुढ़ाना गेट स्थित मंगल पांडे प्रतिमा…
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री डॉ. रामदास आठवले पहुंचे कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह में,मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हो रहा है हरियाणा…
हमारा देश एक भावुक देश है। यहां धर्म और जाति के नाम पर लोगों को लड़ाना बड़ा ही सरल है। यह भविष्य में भी होगा, बस क्रांति की इस ज्योत…
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के पास बैसरन के मैदानों में हुए हमले से जुड़े आदिल नाम के दो लोगों से जुड़ा एक रहस्य सामने आया है। हैरानी की बात ये है…
पहलगाम में आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार एक्शन मोड में है। पहले पीएम मोदी ने आपात बैठक कर पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा कैंसिल करने का फैसला किया। कोई पाक…
पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 26 भारतीय पर्यटकों ने जान गंवा दी थी। इसके बाद बुधवार को भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया और…
राजस्थान रॉयल्स के ओपनर यशस्वी जायसवाल ने गुरुवार को आईपीएल 2025 के 42वें मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ एक धांसू रिकॉर्ड अपने नाम किया। जायसवाल ने भुवनेश्वर कुमार…
J&K Pahalgam Terror Attack LIVE Updates: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार (22 अप्रैल) की दोपहर आतंकियों ने पर्यटकों पर हमला किया, जिसमें दो विदेशी पर्यटकों समेत 26 लोगों की मौत…
यूनेस्को की पहल से भारतीय सांस्कृतिक विरासत की विश्व में बढ़ेगी पहचान 19 अप्रैल: श्रीमद्भगवद् गीता एवं भरतमुनि नाट्यशास्त्र को यूनेस्को की 74 डॉक्यूमेंट्री हेरिटेज कलैक्शन में शामिल करना वास्तव में भारतीय ज्ञान परंपरा का सम्मान है। यह उद्गार संस्कृति प्रेमी एवं लोक सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक प्रो. महासिंह पूनिया ने यूनेस्को द्वारा पांडुलिपियों की पंजीकृत सूची में भारतीय ज्ञान परंपरा के दोनों ग्रन्थों को शामिल करने के पश्चात कहे। उन्होंने कहा कि गीता एक ऐसा ग्रन्थ है जिस का विश्व की लगभग सभी भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। भरतमुनि नाट्यशास्त्र सांस्कृतिक दृष्टि से भारतीय परंपरा एवं सांस्कृतिक इतिहास का का एक ऐसा ग्रन्थ है जिस को विद्वानों ने पांचवे वेद की संज्ञा दी है। समस्त भारतवासियों के लिए यह गौरवमयी उपलब्धि है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा किया गया यह प्रयास वैश्विक स्तर पर गीता एवं नाट्यशास्त्र की गरिमा को नई पहचान देगा। यह पहचान हर उस भारतीय की है जो भारत की ज्ञान परंपरा पर गर्व एवं गौरव महसूस करता है। इस उपलब्धि पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि श्रीमद्भगवद् गीता के 18 अध्यायों में जीवन का सार है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा के अनुसार गीता का स्थान वही है जो उपनिषद एवं धर्मसूत्रों का है। उपनिषदों को जहां गायं कहा गया है वहीं पर गीता को उसके दुग्धरूपी सार की संज्ञा प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि उपनिषदों की जो अध्यात्म विद्या थी उसी को गीता में प्रस्तुत कर पूरे विश्व को एक ऐसा ग्रन्थ मिला है जो सब के लिए अनुकरणीय है। डॉ. पूनिया ने बताया कि भरतमुनि का नाट्यशास्त्र जो प्रदर्शन कलाओं पर एक प्राचीन ग्रन्थ है। यह ग्रन्थ 36 अध्यायों में विभाजित है। इस ग्रन्थ में नाटक के अभिनय, रस, संगीत और मंचन पर विस्तार से चर्चा की गई है। लोकजीवन में इसे पांचवे वेद की संज्ञा भी दी गई है। दोनों ही ग्रन्थों का यूनेस्को की पांडुलिपि ग्रन्थ सूची में शामिल होना प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने कहा कि संस्कृति मंत्रालय द्वारा की गई यह पहल आने वाले दिनों में भारतीय सांस्कृतिक एवं ज्ञान परंपरा के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित करेगी।
“प्राइवेट स्कूल का मास्टर: सम्मान से दूर, सिस्टम का मज़दूर” प्राइवेट स्कूलों में शिक्षकों से उम्मीदें तो आसमान छूती हैं, लेकिन उन्हें न तो उचित वेतन मिलता है, न सम्मान,…