रंग जो दिलों तक उतर जाएँ……होली दिलों को जोड़ने और दूरी को मिटाने का सबसे रंगीन मौका
– डॉ. प्रियंका सौरभ भारत की सांस्कृतिक परंपरा में होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और मानवीय संबंधों का जीवंत उत्सव है। यह वह अवसर है जब रंगों…
– डॉ. प्रियंका सौरभ भारत की सांस्कृतिक परंपरा में होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और मानवीय संबंधों का जीवंत उत्सव है। यह वह अवसर है जब रंगों…
सरसंघचालक डा. मोहनराव भागवत ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद् गीता सभागार में शिक्षाविदों, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों, सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के साथ किया संवाद कुरुक्षेत्र, 28 फरवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक…
– डॉ. प्रियंका सौरभ न्यायपालिका भारत के लोकतंत्र का संरक्षक स्तंभ है, जो संविधान की रक्षा करता है और नागरिकों को न्याय का आश्वासन देता है। लेकिन हाल ही में…
( क्या सचमुच भारत में अवसर कम हैं या हम एक भ्रम में जी रहे हैं?) – डॉ. प्रियंका सौरभ पिछले कुछ वर्षों में भारतीय समाज में एक नई प्रवृत्ति…
(जब 300–400 रुपये में अनलिमिटेड कॉल और डेटा संभव, तो जनप्रतिनिधियों के लिए इतना बड़ा भत्ता क्यों?) -डॉ. सत्यवान सौरभ लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों को मिलने वाली सुविधाएं हमेशा चर्चा…
*9 मार्च को दिल्ली में किसान मजदूर लगाएंगे सदन* *10 मार्च से लेकर 13 अप्रैल तक देश भर में किए जाएंगे महापंचायत* *राकेश टिकट एप्सटीन फाइल पर दी प्रतिक्रिया, बोले-…
(जहाँ सच सन्नाटा है, तमाशा उत्सव है — क्लिक की संस्कृति में खोता हुआ समाज और डिजिटल मंच पर किनारे पड़ा विवेक) डॉ. सत्यवान सौरभ डिजिटल दुनिया कभी ज्ञान, संवाद…
(अधिकारियों की संपत्ति के खुलासे ने पारदर्शिता और जवाबदेही पर नई बहस छेड़ी) – डॉ. प्रियंका सौरभ हरियाणा के आईपीएस अधिकारियों की संपत्ति का विवरण सार्वजनिक होने के बाद एक…
(बदलते पोषण परिदृश्य में सूचित विकल्प का अधिकार) – डॉ. सत्यवान सौरभ भारत का पोषण परिदृश्य तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। लंबे समय तक सार्वजनिक नीति का…
– डॉ० प्रियंका सौरभ भारतीय समाज में शादी केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं रही है, बल्कि इसे हमेशा से परिवार, समाज और संस्कारों से जुड़ी एक पवित्र संस्था माना…