Category: EDUCATION

सादगी भरी शादियाँ: अमीर लोगों को समाज के लिए उदाहरण क्यों बनना चाहिए

(अमीरों की सादगी से बदलेगी शादी की सोच) – डॉ. प्रियंका सौरभ भारत में शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं बल्कि एक बड़ा सामाजिक आयोजन भी माना जाता है।…

फॉलोअर्स की भूख और रिश्तों की नीलामी

– डॉ. सत्यवान सौरभ डिजिटल युग ने अभिव्यक्ति के नए दरवाजे खोले हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने हर व्यक्ति को अपनी बात दुनिया तक पहुँचाने का अवसर दिया है।…

एक परीक्षा से बड़ी ज़िंदगी : यू.पी.एस.सी. के इर्द-गिर्द बनती मानसिकता पर सवाल

(सफलता का एकमात्र पैमाना नहीं है यू.पी.एस.सी., यू.पी.एस.सी. से आगे भी है सफलता की दुनिया) – डॉ. सत्यवान सौरभ हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग (यू.पी.एस.सी.) के परिणाम घोषित…

हरियाणवी गीतों के नाम पर गंदगी का बाज़ार

(देसी बीट्स, दोअर्थी संस्कृति और बेटियों की गरिमा पर बढ़ता खतरा) – डॉ. सत्यवान सौरभ हरियाणा की मिट्टी केवल खेती-किसानी की ताकत से ही नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध लोक संस्कृति…

यूजी एवं पीजी प्राइवेट अभ्यर्थियों हेतु फार्म भरने की प्रक्रिया जारी

यूजी एवं पीजी प्राइवेट अभ्यर्थियों हेतु फार्म भरने की प्रक्रिया जारी मई-जून 2026 की परीक्षा के लिए आईयूएमएस पोर्टल के माध्यम से विलम्ब शुल्क के साथ कर सकते हैं ऑनलाइन…

श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में प्रथम बैच के दो शोधार्थियों को मिली पीएचडी उपाधि  

-विश्वविद्यालय में 113 शोधार्थी अलग-अलग विषयों पर कर रहे शोध कुरुक्षेत्र।   श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर वैद्य करतार सिंह धीमान के मार्गदर्शन में प्रथम बैच के दो शोधार्थियों…

विधायकों के टेलीफोन भत्ते: फिजूलखर्ची या जनसंपर्क की अनिवार्यता?

(जब 300–400 रुपये में अनलिमिटेड कॉल और डेटा संभव, तो जनप्रतिनिधियों के लिए इतना बड़ा भत्ता क्यों?) -डॉ. सत्यवान सौरभ लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों को मिलने वाली सुविधाएं हमेशा चर्चा…

चिप्स की जंग में भारत की एंट्री

(सेमीकंडक्टर सहयोग और बदलती वैश्विक रणनीति) डॉ. प्रियंका सौरभ भारत और अमेरिका के बीच सेमीकंडक्टर तथा उन्नत तकनीकी सहयोग को लेकर हुआ हालिया करार केवल एक द्विपक्षीय समझौता नहीं है,…

रफ्तार की कीमत: सड़क पर बुझता युवाओं का भविष्य

सड़क हादसे केवल दुर्घटनाएँ नहीं, बल्कि हमारी लापरवाही और गैर-जिम्मेदार सोच का परिणाम हैं। तेज़ रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और मोबाइल का इस्तेमाल युवाओं की ज़िंदगी निगल रहा है। नियमों…

शिक्षण संस्थानों में फूहड़ मनोरंजन : शिक्षा और मर्यादा पर बढ़ता राष्ट्रीय प्रश्न

(डीजे संस्कृति और अशोभनीय प्रस्तुतियों के बीच बच्चों के संस्कार, अनुशासन और शिक्षा के मूल उद्देश्य पर गंभीर चिंता) -डॉ. प्रियंका सौरभ विद्यालय किसी भी राष्ट्र की आत्मा का निर्माण…