करनाल, 6 अगस्त। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सत्यवान महिवाल ने बताया कि कार्यालय में राजकीय महिला महाविद्यालय की 16 छात्राएं अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम (एक्सपिरियंशल लर्निंग प्रोग्राम-ईएलपी)के तहत 7 दिवसीय प्रशिक्षण ले रही हैं। यह प्रशिक्षण 3 से 7 अगस्त तक चलेगा। इसी कड़ी में वीरवार को छात्राओं ने कार्यालय की दैनिक गतिविधियों को समझा। इसके बाद लघु सचिवालय में लगाए गए समाधान शिविर का अवलोकन किया। इस मौके पर एसडीएम देवेंद्र शर्मा ने छात्राओं को समाधान शिविर के उद्देश्य, कार्यप्रणाली और सकारात्मक परिणामों के बारे में जानकारी दी।
डीआईपीआरओ ने बताया कि इस दौरान छात्राओं को विभाग द्वारा सरकारी व जनकल्याणकारी सूचनाएं प्रेषित करने के सभी माध्यमों की जानकारी दी गई। जिनमें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, रेडियो, प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया, फोक मीडिया, एग्जीबिशन शामिल हैं। इसी प्रकार कार्यालय की तकनीक यूनिट, एग्जीबिशन यूनिट, विभाग के कार्य, विभाग द्वारा चलाई जा रही योजना इत्यादि की जानकारी दी गई है।
उन्होंने बताया कि युवाओं के कौशल विकास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए माय भारत द्वारा जिला में पायलट प्रोजेक्ट के तहत अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को किताबी ज्ञान के साथ-साथ विभागों के व्यावहारिक कामकाज का अनुभव प्रदान करना है। इस कार्यक्रम के तहत आईटीआई और कॉलेज के विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी विभागों के साथ इंटर्नशिप के लिए अटैच किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत 40 विभागों को चिह्नित किया गया है। इंटर्नशिप पूरी होने पर बच्चों को अनुभव प्रमाण पत्र दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले 1 से 7 जुलाई तक राजकीय महिला महाविद्यालय की 20 छात्राओं ने भी इस कार्यालय में मीडिया मंत्र विषय पर इंटर्नशिप के दौरान विभाग की कार्यप्रणाली व फील्ड विजिट का अनुभव प्राप्त किया है।
