कुरुक्षेत्र, 4 अगस्त।
प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री कालेश्वर महादेव मंदिर में सावन मास की विशेष आरती का आयोजन किया गया। इस आरती में नगरपरिषद की अध्यक्षा श्रीमती माफी ढांडा तथा मलकीत ढांडा ने मुख्यातिथि के रूप में भाग लिया। नगरपार्षद श्रीमती रेखा शर्मा परिवार सहित आरती में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुई। अतिथियों का मंदिर में पहुंचने पर श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के मुख्य सलाहकार जयनारायण शर्मा तथा प्रधान यशेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में सभा के पदाधिकारियों ने वेद मंत्रोच्चारण तथा शंख ध्वनि के बीच पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। अतिथियों ने भगवान कालेश्वर की आरती उतारी और आशीर्वाद लिया। आचार्य नरेश के नेतृत्व में वेदपाठी ब्राह्मणों ने पूजा अर्चना के पश्चात आरती सम्पन्न करवाई। सभी अतिथियों को सभा की ओर से आशीर्वाद स्वरूप अंग वस्त्र तथा प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया गया।
श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा ने बताया कि श्री कालेश्वर महादेव मंदिर में प्रत्येक सावन मास में सोमवार की रात्रि को विशेष आरती का आयोजन किया जाता है। यह एकमात्र शिवालय है जहां पर नन्दी स्थापित नहीं है। उन्होंने बताया कि कालेश्वर की पूजा करने से अकाल मृत्यु नहीं होती। इस मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा अर्चना करने आते हैं। श्रावण के मास में कालेश्वर की पूजा करने का विशेष महत्त्व है। रामपाल शर्मा ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में महाप्रतापी राजा रावण ने भगवान शिव की पूजा कर काल पर विजय का आशीर्वाद मांगा था। तब रावण ने कहा था कि इस आशीर्वाद के समय कोई साक्षी नहीं होना चाहिए। मान्यता अनुसार नंदी को कैलाश पर्वत पर छोडक़र भगवान शिव ने इसी स्थान पर रावण को काल पर विजय का आशीर्वाद दिया था।
फोटो परिचय
1. श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के पदाधिकारी मुख्यातिथि नप की अध्यक्षा श्रीमती माफी ढांडा तथा मलकीत ढांडा को सम्मानित करते हुए।
2. श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के पदाधिकारी विशिष्ट अतिथि नगरपार्षद श्रीमती रेखा शर्मा को सम्मानित करते हुए।कालेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित हुई श्रावण मास की विशेष आरती
कुरुक्षेत्र, 4 अगस्त।
प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री कालेश्वर महादेव मंदिर में सावन मास की विशेष आरती का आयोजन किया गया। इस आरती में नगरपरिषद की अध्यक्षा श्रीमती माफी ढांडा तथा मलकीत ढांडा ने मुख्यातिथि के रूप में भाग लिया। नगरपार्षद श्रीमती रेखा शर्मा परिवार सहित आरती में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुई। अतिथियों का मंदिर में पहुंचने पर श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के मुख्य सलाहकार जयनारायण शर्मा तथा प्रधान यशेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में सभा के पदाधिकारियों ने वेद मंत्रोच्चारण तथा शंख ध्वनि के बीच पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। अतिथियों ने भगवान कालेश्वर की आरती उतारी और आशीर्वाद लिया। आचार्य नरेश के नेतृत्व में वेदपाठी ब्राह्मणों ने पूजा अर्चना के पश्चात आरती सम्पन्न करवाई। सभी अतिथियों को सभा की ओर से आशीर्वाद स्वरूप अंग वस्त्र तथा प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया गया।
श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा ने बताया कि श्री कालेश्वर महादेव मंदिर में प्रत्येक सावन मास में सोमवार की रात्रि को विशेष आरती का आयोजन किया जाता है। यह एकमात्र शिवालय है जहां पर नन्दी स्थापित नहीं है। उन्होंने बताया कि कालेश्वर की पूजा करने से अकाल मृत्यु नहीं होती। इस मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा अर्चना करने आते हैं। श्रावण के मास में कालेश्वर की पूजा करने का विशेष महत्त्व है। रामपाल शर्मा ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में महाप्रतापी राजा रावण ने भगवान शिव की पूजा कर काल पर विजय का आशीर्वाद मांगा था। तब रावण ने कहा था कि इस आशीर्वाद के समय कोई साक्षी नहीं होना चाहिए। मान्यता अनुसार नंदी को कैलाश पर्वत पर छोडक़र भगवान शिव ने इसी स्थान पर रावण को काल पर विजय का आशीर्वाद दिया था।
फोटो परिचय
1. श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के पदाधिकारी मुख्यातिथि नप की अध्यक्षा श्रीमती माफी ढांडा तथा मलकीत ढांडा को सम्मानित करते हुए।
2. श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के पदाधिकारी विशिष्ट अतिथि नगरपार्षद श्रीमती रेखा शर्मा को सम्मानित करते हुए।कालेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित हुई श्रावण मास की विशेष आरती
कुरुक्षेत्र, 4 अगस्त।
प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री कालेश्वर महादेव मंदिर में सावन मास की विशेष आरती का आयोजन किया गया। इस आरती में नगरपरिषद की अध्यक्षा श्रीमती माफी ढांडा तथा मलकीत ढांडा ने मुख्यातिथि के रूप में भाग लिया। नगरपार्षद श्रीमती रेखा शर्मा परिवार सहित आरती में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुई। अतिथियों का मंदिर में पहुंचने पर श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के मुख्य सलाहकार जयनारायण शर्मा तथा प्रधान यशेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में सभा के पदाधिकारियों ने वेद मंत्रोच्चारण तथा शंख ध्वनि के बीच पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। अतिथियों ने भगवान कालेश्वर की आरती उतारी और आशीर्वाद लिया। आचार्य नरेश के नेतृत्व में वेदपाठी ब्राह्मणों ने पूजा अर्चना के पश्चात आरती सम्पन्न करवाई। सभी अतिथियों को सभा की ओर से आशीर्वाद स्वरूप अंग वस्त्र तथा प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया गया।
श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा ने बताया कि श्री कालेश्वर महादेव मंदिर में प्रत्येक सावन मास में सोमवार की रात्रि को विशेष आरती का आयोजन किया जाता है। यह एकमात्र शिवालय है जहां पर नन्दी स्थापित नहीं है। उन्होंने बताया कि कालेश्वर की पूजा करने से अकाल मृत्यु नहीं होती। इस मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा अर्चना करने आते हैं। श्रावण के मास में कालेश्वर की पूजा करने का विशेष महत्त्व है। रामपाल शर्मा ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में महाप्रतापी राजा रावण ने भगवान शिव की पूजा कर काल पर विजय का आशीर्वाद मांगा था। तब रावण ने कहा था कि इस आशीर्वाद के समय कोई साक्षी नहीं होना चाहिए। मान्यता अनुसार नंदी को कैलाश पर्वत पर छोडक़र भगवान शिव ने इसी स्थान पर रावण को काल पर विजय का आशीर्वाद दिया था।
फोटो परिचय
1. श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के पदाधिकारी मुख्यातिथि नप की अध्यक्षा श्रीमती माफी ढांडा तथा मलकीत ढांडा को सम्मानित करते हुए।
2. श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के पदाधिकारी विशिष्ट अतिथि नगरपार्षद श्रीमती रेखा शर्मा को सम्मानित करते हुए।
कुरुक्षेत्र, 4 अगस्त।
प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री कालेश्वर महादेव मंदिर में सावन मास की विशेष आरती का आयोजन किया गया। इस आरती में नगरपरिषद की अध्यक्षा श्रीमती माफी ढांडा तथा मलकीत ढांडा ने मुख्यातिथि के रूप में भाग लिया। नगरपार्षद श्रीमती रेखा शर्मा परिवार सहित आरती में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुई। अतिथियों का मंदिर में पहुंचने पर श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के मुख्य सलाहकार जयनारायण शर्मा तथा प्रधान यशेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में सभा के पदाधिकारियों ने वेद मंत्रोच्चारण तथा शंख ध्वनि के बीच पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। अतिथियों ने भगवान कालेश्वर की आरती उतारी और आशीर्वाद लिया। आचार्य नरेश के नेतृत्व में वेदपाठी ब्राह्मणों ने पूजा अर्चना के पश्चात आरती सम्पन्न करवाई। सभी अतिथियों को सभा की ओर से आशीर्वाद स्वरूप अंग वस्त्र तथा प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया गया।
श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा ने बताया कि श्री कालेश्वर महादेव मंदिर में प्रत्येक सावन मास में सोमवार की रात्रि को विशेष आरती का आयोजन किया जाता है। यह एकमात्र शिवालय है जहां पर नन्दी स्थापित नहीं है। उन्होंने बताया कि कालेश्वर की पूजा करने से अकाल मृत्यु नहीं होती। इस मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा अर्चना करने आते हैं। श्रावण के मास में कालेश्वर की पूजा करने का विशेष महत्त्व है। रामपाल शर्मा ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में महाप्रतापी राजा रावण ने भगवान शिव की पूजा कर काल पर विजय का आशीर्वाद मांगा था। तब रावण ने कहा था कि इस आशीर्वाद के समय कोई साक्षी नहीं होना चाहिए। मान्यता अनुसार नंदी को कैलाश पर्वत पर छोडक़र भगवान शिव ने इसी स्थान पर रावण को काल पर विजय का आशीर्वाद दिया था।
फोटो परिचय
1. श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के पदाधिकारी मुख्यातिथि नप की अध्यक्ष श्रीमती माफी ढांडा तथा मलकीत ढांडा को सम्मानित करते हुए।
2. श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के पदाधिकारी विशिष्ट अतिथि नगर पार्षद श्रीमती रेखा शर्मा को सम्मानित करते हुए।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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