कुरुक्षेत्र, 28 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र द्वारा यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के सहयोग से आयोजित चार-सप्ताहीय संकाय प्रेरण कार्यक्रम का 22वां दिन विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास विषयों पर केंद्रित सत्रों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
प्रथम शैक्षणिक सत्र में प्रबंधन अध्ययन संस्थान के सहायक प्राध्यापक डॉ. राजन शर्मा ने शिक्षक विचार-नेता के रूप में शैक्षणिक सफलता हेतु ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग का लाभ उठाना विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने एफआईएसएसआई के सिद्धांतों तथा आईआईएम ढांचे – इरादा, आह्वान और अभिव्यक्ति को वास्तविक जीवन के उदाहरणों एवं श्लोकों के माध्यम से समझाते हुए शिक्षकों को प्रभावी शैक्षणिक पहचान विकसित करने के लिए प्रेरित किया। द्वितीय सत्र प्रतिभागियों की शैक्षणिक प्रस्तुतियों को समर्पित रहा, जिसका मूल्यांकन जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के प्रो. राजीव सिजरिया ने किया। प्रतिभागियों ने ल्यूमिनेसेंस, हरित रसायन विज्ञान, पंचायती राज, भारत में बाल अपराध तथा दैनिक जीवन में भौतिकी की भूमिका जैसे विविध विषयों पर प्रभावी प्रस्तुतियां दीं। प्रो. सिजरिया ने प्रतिभागियों की तैयारी एवं आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उनके विषय-वस्तु संगठन, प्रस्तुतीकरण शैली और संप्रेषण कौशल को और बेहतर बनाने के लिए उपयोगी सुझाव दिए।
तृतीय सत्र में विधि विभाग की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) प्रीति जैन ने उच्च शिक्षा संस्थानों में लैंगिक समानता और न्याय की आवश्यकता पर बल देते हुए विकसित देशों के उदाहरणों, दैनिक जीवन की परिस्थितियों तथा विज्ञापनों के माध्यम से विषय को सरलता से प्रस्तुत किया। चतुर्थ सत्र में प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन असम विश्वविद्यालय, सिलचर की प्रो. सुदीप्ता रॉय ने किया। प्रस्तुतियों में स्वास्थ्य सेवा में भौतिकी की भूमिका, हिंदी भाषा में विज्ञान शिक्षा तथा वर्तमान जीवन में जैन धर्म की शिक्षाओं की प्रासंगिकता जैसे विषय शामिल रहे। प्रो. रॉय ने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके शैक्षणिक प्रस्तुतिकरण एवं अनुसंधान कौशल को और प्रभावी बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए। कार्यक्रम का समापन सभी संसाधन व्यक्तियों, विशेषज्ञों, प्रतिभागियों एवं आयोजन टीम के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
