कुरुक्षेत्र, 15 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए तैयार गतिविधि कैलेंडर का कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बुधवार को विमोचन किया। विभागाध्यक्ष डॉ. एम. एस. पूनिया के नेतृत्व में तैयार इस कैलेंडर में जनवरी से दिसंबर तक आयोजित होने वाली साहित्यिक, सांस्कृतिक, अकादमिक और शोध गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई है।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि गतिविधि कैलेंडर विभाग की शैक्षणिक कार्य संस्कृति को नई दिशा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों और शोधार्थियों को पूरे वर्ष योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में भाषा, साहित्य, संस्कृति, शोध और सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता विकसित करना भी है।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप भारतीय भाषाओं और भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। हिंदी विभाग का यह गतिविधि कैलेंडर विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, शोध अभिरुचि, अभिव्यक्ति क्षमता और नेतृत्व कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पूरे वर्ष की गतिविधियों का पूर्व निर्धारण होने से कार्यक्रम अधिक व्यवस्थित होंगे तथा विद्यार्थियों की भागीदारी भी बढ़ेगी।
हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि गतिविधि योजना 2026-27 को इस प्रकार तैयार किया गया है कि प्रत्येक माह किसी न किसी महत्वपूर्ण साहित्यकार, भाषा दिवस अथवा सांस्कृतिक विषय को केंद्र में रखकर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गतिविधि योजना के अनुसार 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस तथा 30 जनवरी को जयशंकर प्रसाद जयंती मनाई जाएगी। फरवरी माह में कृष्णा सोबती एवं सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। मार्च में अज्ञेय तथा महादेवी वर्मा की जयंती पर संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। अप्रैल में मन्नू भंडारी जयंती और गुरु नानक देव विषयक संगोष्ठी आयोजित होगी, जबकि मई में महावीर प्रसाद द्विवेदी तथा सुमित्रानंदन पंत की जयंती मनाई जाएगी।
जून माह में बालकृष्ण भट्ट, नागार्जुन तथा कबीर जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम होंगे। जुलाई में नामवर सिंह, प्रेमचंद तथा तुलसी जयंती पर साहित्यिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अगस्त में भीष्म साहनी और सुभद्रा कुमारी चौहान, सितंबर में भारतेंदु हरिश्चंद्र तथा राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर विशेष आयोजन प्रस्तावित हैं।
अक्टूबर में रामचंद्र शुक्ल और रामविलास शर्मा, नवंबर में बालमुकुंद गुप्त और हरिवंश राय बच्चन तथा दिसंबर में रघुवीर सहाय और श्रीलाल शुक्ल की जयंती पर व्याख्यान, संगोष्ठियां और साहित्यिक परिचर्चाएं आयोजित की जाएंगी। प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि इसके अतिरिक्त प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे वीरवार को साहित्यकारों से संवाद, पुस्तक चर्चा, शोध संवाद, लोक साहित्य, लोकगीत, लोककथा, लोक संस्कृति, लोक नाट्य तथा लोक जीवन से संबंधित परिचर्चाओं का आयोजन किया जाएगा। हिंदी विभाग की यह गतिविधि योजना विद्यार्थियों, शोधार्थियों और साहित्य प्रेमियों को हिंदी भाषा एवं साहित्य के विविध आयामों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस अवसर पर डीन प्रो. सुनीता सिरोहा, डॉ. प्रीतम सिंह, डॉ. वंदना, डॉ. जसबीर सिंह, डॉ. हरिओम फुलिया, शोधार्थी नरेश व योगेश मौजूद रहे।
