करनाल 14 जुलाई, हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से सम्पत्ति कर दाताओं को बड़ी राहत दी गई है। इसके तहत वर्ष 2010-11 से 2024-25 तक के लंबित संपत्ति कर बकायों पर लगे ब्याज में 75 प्रतिशत की छूट मिल रही है।
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने बताया कि सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इस 75 प्रतिशत ब्याज छूट का लाभ उठाने के लिए टैक्स दाताओं को 31 अगस्त 2026 तक अपना पूरा बकाया संपत्ति कर जमा करवाना होगा। इसके साथ ही सभी कर दाताओं को संपत्ति कर बकाया भुगतान और बेबाकी प्रमाणपत्र प्रबंधन पद्धति पोर्टल (प्रॉपर्टी टैक्स ड्यूज पेमेंट एंड नो ड्यूज सर्टिफिकेट मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल) पर जाकर अपनी संपत्ति की सूचना को स्व-प्रमाणित करना अनिवार्य होगा। जो नागरिक इस निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना कर और बकाया जमा नहीं करेंगे, उन पर नियम अनुसार 1.5 प्रतिशत प्रति मास या उसके भाग के लिए ब्याज प्रभारित किया जाएगा। इसलिए शहरवासियों के पास अपना पुराना टैक्स बिना भारी ब्याज के भरने का यह सुनहरा मौका है।
उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक 19 करोड़ 31 लाख रुपये सम्पत्ति कर के रुप में अर्जित किए गए हैं। ब्याज माफी की छूट के दौरान 15 मई से अब तक 13 करोड़ 35 लाख रुपये सम्पत्ति कर नगर निगम कार्यालय में जमा हुआ है। उन्होंने बताया कि करीब 73044 प्रॉपर्टी आई.डी. स्व-प्रमाणित हो चुकी है।
शहरवासियों में खुशी।
इस राहतकारी घोषणा के बाद शहर के आम नागरिकों, व्यापारियों और समाजसेवियों में खुशी की लहर है। नागरिकों का कहना है कि इससे उन्हें बरसों पुराने बकाये से मुक्ति मिलेगी। महापौर ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द पोर्टल पर अपनी प्रॉपर्टी को सेल्फ-सर्टिफाई करें और 75 प्रतिशत ब्याज माफी का लाभ उठाएं।
योजना के मुख्य बिंदु और नियम।
1. 75 प्रतिशत ब्याज छूट- वर्ष 2010-11 से लेकर 2024-25 तक के प्रॉपर्टी टैक्स के बकाये पर 75 प्रतिशत ब्याज माफ।
2. अंतिम तिथि- इस योजना का लाभ लेने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
3. पोर्टल पर वेरिफिकेशन- कर दाताओं को ऑनलाइन एन.डी.सी. पोर्टल पर प्रॉपर्टी डिटेल्स को स्व-प्रमाणित करना होगा।
4. विलंब शुल्क- निर्धारित तिथि के बाद 1.5 प्रतिशत प्रति महीना की दर से ब्याज लगेगा।
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने बताया कि सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इस 75 प्रतिशत ब्याज छूट का लाभ उठाने के लिए टैक्स दाताओं को 31 अगस्त 2026 तक अपना पूरा बकाया संपत्ति कर जमा करवाना होगा। इसके साथ ही सभी कर दाताओं को संपत्ति कर बकाया भुगतान और बेबाकी प्रमाणपत्र प्रबंधन पद्धति पोर्टल (प्रॉपर्टी टैक्स ड्यूज पेमेंट एंड नो ड्यूज सर्टिफिकेट मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल) पर जाकर अपनी संपत्ति की सूचना को स्व-प्रमाणित करना अनिवार्य होगा। जो नागरिक इस निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना कर और बकाया जमा नहीं करेंगे, उन पर नियम अनुसार 1.5 प्रतिशत प्रति मास या उसके भाग के लिए ब्याज प्रभारित किया जाएगा। इसलिए शहरवासियों के पास अपना पुराना टैक्स बिना भारी ब्याज के भरने का यह सुनहरा मौका है।
उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक 19 करोड़ 31 लाख रुपये सम्पत्ति कर के रुप में अर्जित किए गए हैं। ब्याज माफी की छूट के दौरान 15 मई से अब तक 13 करोड़ 35 लाख रुपये सम्पत्ति कर नगर निगम कार्यालय में जमा हुआ है। उन्होंने बताया कि करीब 73044 प्रॉपर्टी आई.डी. स्व-प्रमाणित हो चुकी है।
शहरवासियों में खुशी।
इस राहतकारी घोषणा के बाद शहर के आम नागरिकों, व्यापारियों और समाजसेवियों में खुशी की लहर है। नागरिकों का कहना है कि इससे उन्हें बरसों पुराने बकाये से मुक्ति मिलेगी। महापौर ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द पोर्टल पर अपनी प्रॉपर्टी को सेल्फ-सर्टिफाई करें और 75 प्रतिशत ब्याज माफी का लाभ उठाएं।
योजना के मुख्य बिंदु और नियम।
1. 75 प्रतिशत ब्याज छूट- वर्ष 2010-11 से लेकर 2024-25 तक के प्रॉपर्टी टैक्स के बकाये पर 75 प्रतिशत ब्याज माफ।
2. अंतिम तिथि- इस योजना का लाभ लेने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
3. पोर्टल पर वेरिफिकेशन- कर दाताओं को ऑनलाइन एन.डी.सी. पोर्टल पर प्रॉपर्टी डिटेल्स को स्व-प्रमाणित करना होगा।
4. विलंब शुल्क- निर्धारित तिथि के बाद 1.5 प्रतिशत प्रति महीना की दर से ब्याज लगेगा।
