कुरुक्षेत्र। वर्षों से जिस पल का विद्यार्थी, शिक्षक, शोधार्थी और आयुष जगत इंतजार कर रहे थे, वह अब साकार होने जा रहा है। देश के पहले श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर के निर्माण की प्रक्रिया आखिरकार शुरू हो गई है। हरियाणा सरकार ने लगभग 465 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पहले चरण के निर्माण कार्य का टेंडर लुधियाना की दीपक बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को सौंप दिया है। निर्माण एजेंसी की टीम ने विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण भी कर लिया है और सोमवार से साइट का विस्तृत सर्वे शुरू किया जाएगा। कंपनी करीब ढाई वर्ष में प्रथम चरण का निर्माण पूरा करेगी।

गौरतलब है कि वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुरुक्षेत्र के गांव फतुहपुर में लगभग 100 एकड़ भूमि पर देश के पहले आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की थी। इसके बाद श्री कृष्ण राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय को अपग्रेड कर श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना की गई, लेकिन तब से विश्वविद्यालय अस्थायी रूप से आयुर्वेदिक महाविद्यालय की इमारत से ही संचालित हो रहा है। अब नए परिसर का निर्माण शुरू होने से विश्वविद्यालय के स्थायी और अत्याधुनिक कैंपस का सपना साकार होने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ गया है।

प्रथम चरण में बनेंगे ये प्रमुख भवन

निर्माण एजेंसी के जीएम राजीव ने बताया कि सोमवार से साइट सर्वे शुरू कर दिया जाएगा। पर्यावरण संबंधी आवश्यक एनओसी मिलने के बाद ड्राइंग के अनुसार निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। प्रथम चरण में कुलपति एवं कुलसचिव कार्यालय, प्रशासनिक भवन, परीक्षा शाखा, केंद्रीय पुस्तकालय, अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, आयुर्वेदिक अस्पताल, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अस्पताल, आयुर्वेदिक पीजी कॉलेज, रिसर्च एंड इनोवेशन विभाग, विश्वविद्यालय मार्केट, पावर हाउस, पीजी एवं पीएचडी शोधार्थियों के लिए छात्रावास, डायनिंग हॉल, कुलपति एवं कुलसचिव आवास, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आवास, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम तथा फर्नीचर सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।

सपनों का आयुष परिसर अब हकीकत बनने की ओर: कुलपति

कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि देश के पहले श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर का निर्माण शुरू होना विश्वविद्यालय के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है। पिछले कई वर्षों से हमारा प्रयास था कि विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को विश्व स्तरीय शैक्षणिक एवं अनुसंधान सुविधाओं से युक्त आधुनिक परिसर मिले। नया कैंपस आयुष शिक्षा, शोध, चिकित्सा और नवाचार का उत्कृष्ट केंद्र बनेगा तथा देश-विदेश के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को आकर्षित करेगा।
स्थायी परिसर से विश्वविद्यालय को मिलेगी नई पहचान: कुलसचिव
कुलसचिव डॉ. कृष्ण कांत गुप्ता ने कहा कि नए परिसर के निर्माण से विश्वविद्यालय के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। एक ही परिसर में आधुनिक शैक्षणिक भवन, अस्पताल, शोध प्रयोगशालाएं, छात्रावास और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिलेगा। यह परियोजना हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश में आयुष शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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