कुरुक्षेत्र, 3 जुलाई। थानेसर के कांग्रेसी विधायक एवं हरियाणा के पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसते हुए कहा है कि रेवाड़ी में मुख्यमंत्री नायब सैनी के कार्यक्रम में क्षेत्र के सांसद एवं केंद्र के राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह सहित तीन विधायकों व जिला के सैंकड़ों भाजपा पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय कृषि मँत्री शिवराज चौहान सिंह की रैली से दूरी बनाई। उन्होने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता कांग्रेस में गुटबाजी होने का आरोप लगाते हैं जबकि भाजपा की गुटबाजी सड़क तक आ गई है। इतना ही नहीं फरीदाबाद में एक मंत्री पहले उद्घाटन करके चले जाते हैं और केंद्रीय मंत्री 10 मिनट बाद उद्घाटन करते हैं। मंत्री राव नरबीर सिंह और राव इंद्रजीत सिंह के बीच की लड़ाई किसी से छुपी नहीं हुई है। अशोक अरोड़ा ने आरोप लगाया कि गत दिवस रेवाड़ी में मुख्यमंत्री नायब सैनी और केंद्रीय मंत्री के जलसे से यहां के सांसद और 3 स्थानीय विधायक नदारद रहे। उस क्षेत्र के सांसद केंद्रीय मंत्री भी है।
विधायक अरोड़ा ने वीबी जीरामजी योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने मनरेगा के जरिए 100 दिन रोजगार की गारंटी दी थी। अब सरकार 125 दिन रोजगार की बात कर रही है, लेकिन भाजपा योजना में रोजगार की गारंटी नही दे रही। मनरेगा स्कीम में 90 प्रतिशत राशि केंद्र की सरकार दे रही थी। केवल सिर्फ 10 प्रतिशत राशि राज्य सरकार को देनी होती थी। उसके बावजूद भी प्रदेश की बहुत सी सरकारें मनरेगा को लागू नहीं कर पाई। अब बीवी जीरामजी में 60 प्रतिशत राशि प्रदेश और 40 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार लगाएगी। ऐसे में ये स्कीम मजदूर का हक छीनने वाली है। अरोड़ा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी राम जी और धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है। अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम राम का मंदिर बना, तब पूरे देश ने चंदा दिया। पूरे देश की आस्था मंदिर और राम से जुड़ी है। रामजी सबके लिए आदर्श है, लेकिन इन लोगों ने मंदिर का चंदा चोरी किया। ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है।
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मुख्यमंत्री को हरियाणा की बजाय पंजाब और राजस्थान की ज्यादा चिंता : अरोड़ा
अशोक अरोड़ा ने हरियाणा और राजस्थान के बीच जल समझौते का विरोध करते हुए कहा कि जो पानी राजस्थान को देने के लिए समझौता किया गया है, वह पानी दक्षिणी हरियाणा में देना चाहिए था क्योंकि दक्षिणी हरियाणा में पानी बड़ी किल्लत है। अरोड़ा ने कहा कि यह समझौता केंद्र सरकार के दबाव में किया गया है। उन्होने कहा कि पिछले 12 वर्षों से केंद्र और हरियाणा में भाजपा की सरकार है। एसवाईएल का मामला किसी भी अदालत में विचाराधीन नही है, हरियाणा के हक में फैसला हो चुका है। सतलुज का पानी हरियाणा में लाने की जिम्मवारी केंद्र सरकार की है लेकिन आज तक इसके लिए कोई प्रयास नही किया गया। उन्होने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी को पंजाब और राजस्थान की ज्यादा चिंता है। उन्होने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दादूपुर नलवी नहर बनाई गई थी। अंबाला, यमुनानगर तथा कुरुक्षेत्र के 90 प्रतिशत ब्लॉक डार्क जोन में हैं। दादूपुर नलवी नहर बनने से जलस्तर उपर आ जाता लेकिन भाजपा सरकार ने इस नहर को ही बंद कर दिया। प्रदेश सरकार केंद्र सरकार के आरोप में हरियाणा के हितों की बलि दे रही है।
