पिंजौर। पिंजौर स्थित कौशल्या डैम में सोमवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया, जब मछली पकड़ने गई 12 वर्षीय बच्ची अचानक दलदल में फंस गई। बच्ची की चीख-पुकार सुनते ही डैम कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
समय रहते कार्रवाई होने से बच्ची की जान बच गई। जानकारी के अनुसार, घटना शाम करीब चार बजे की है। डैम पर तैनात वेलदार योगेश ने बताया कि दो-तीन बच्चे डैम क्षेत्र में घूम रहे थे और संभवतः मछलियां पकड़ने आए थे। जब कर्मचारियों ने बच्चों को वहां से हटने के लिए आवाज लगाई और उनकी ओर बढ़े, तब तक एक बच्ची दलदल में धंस चुकी थी। अन्य बच्चे घबराकर मौके से भाग गए।
मरी हुई मछलियों से फैल रही तेज दुर्गंध
डैम में पानी की कमी के चलते बड़ी संख्या में मछलियां मर गई हैं। मृत मछलियां डैम के विभिन्न हिस्सों में पड़ी हुई हैं, जिनसे उठ रही दुर्गंध ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि बदबू इतनी तीव्र है कि कई बार सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है।
सुरक्षा व्यवस्था और सफाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से डैम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि डैम के आसपास चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और निगरानी की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि बच्चे और अन्य लोग जोखिम वाले क्षेत्रों में न पहुंच सकें।
साथ ही ग्रामीणों ने डैम में पड़ी मरी हुई मछलियों का जल्द निस्तारण कराने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सफाई नहीं करवाई गई तो दुर्गंध के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि सोमवार को कर्मचारियों और ग्रामीणों की सतर्कता से एक मासूम की जान बच गई, लेकिन यह घटना डैम क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को भी उजागर करती है।
