चंडीगढ़। हरियाणा में अब जमीन की रजिस्ट्री के साथ इंतकाल (म्यूटेशन) अपने आप हो जाएगा। राजस्व रिकार्ड में संपत्ति के मालिकाना हक का विवरण अपडेट करने के लिए आवेदन की जरूरत नहीं होगी। इतना ही नहीं, पासपोर्ट की तरह रजिस्ट्री की अपाइंटमेंट तत्काल श्रेणी में ली जा सकेगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को आटो म्यूटेशन प्रणाली एवं पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 का शुभारंभ कर दिया। नई व्यवस्था में घर बैठे ही इंतकाल को डाउनलोड किया जा सकेगा।

हरियाणा निवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, जनस्वास्थ्य आभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री रणबीर गंगवा तथा वित्तायुक्त राजस्व डा. सुमिता मिश्रा की मौजूदगी में रिमोट का बटन दबाकर नई प्रणाली का आगाज किया। सभी जिलों के उपायुक्त तथा राजस्व विभाग के अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े थे।

रजिस्ट्री प्रक्रिया के साथ इंतकाल भी शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत पिछले साल 29 सितंबर को कुरुक्षेत्र की लाडवा तहसील से की गई थी, जिसे एक नवंबर से पूरे राज्य में लागू कर दिया गया था। अब इसके दूसरे चरण यानी पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 को लागू किया गया है, जिसमें रजिस्ट्री प्रक्रिया के साथ इंतकाल को भी शामिल कर दिया गया है।

नई प्रणाली में रजिस्ट्री के लिए आवेदन फार्म को अधिक सरल और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाया गया है। दोनों पक्षों के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य की गई है, जिससे पहचान की शत-प्रतिशत पुष्टि सुनिश्चित होगी।

यदि कोई व्यक्ति, कंपनी, संस्था अथवा एनआरआइ स्वयं रजिस्ट्री प्रक्रिया में उपस्थित नहीं हो सकता है, तो वह एक से अधिक व्यक्तियों को अपना प्रतिनिधि नियुक्त कर सकेगा। नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता अथवा हेल्पडेस्क के माध्यम से डीड भर सकेंगे।

डिजिटल हस्ताक्षर चलेंगे

रजिस्ट्री के समय भूमि का कौन-सा भाग प्राइम श्रेणी तथा कौन-सा नान-प्राइम श्रेणी में आता है, इसकी जानकारी सिस्टम में स्वतः प्रदर्शित होगी। पूरी प्रक्रिया में डिजिटल हस्ताक्षर एवं बायोमेट्रिक प्रणाली लागू की गई है। यदि किसी भूमि पर धारा 7ए लागू होती है, तो उसकी जानकारी भी रजिस्ट्री के समय सिस्टम में स्वतः दिखाई देगी।

नागरिकों को आनलाइन स्टेटस सत्यापन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसी भी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में स्वतः रोक (आटो-होल्ड) व्यवस्था लागू होगी।

संबंधित विभागों की जानकारी सीधे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में प्रदर्शित होगी। नागरिक अतिरिक्त दस्तावेज आनलाइन अपलोड कर सकेंगे। रजिस्ट्रेशन के समय भी अतिरिक्त दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

क्यूआर कोड से दस्तावेजों का सत्यापन

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि दस्तावेजों के सत्यापन के लिए क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई है। अधिकतम तीन अवसरों के भीतर मामले का निर्णय सुनिश्चित किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त ई-स्टांप जोड़ने की सुविधा उपलब्ध होगी।

डीटीपी तथा एनओसी के लिए अलग से दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी तथा विभागीय सत्यापन की पूरी प्रक्रिया आनलाइन होगी। आरसी-1 और आरसी-2 के कार्यों को एकीकृत कर दिया गया है।

15 दिन में निपटाए जाएंगे इंतकाल के सभी मामले

प्रदेश में छह लाख से अधिक इंतकाल लंबित थे, जिनमें से चार लाख मामलों का निपटान किया जा चुका है। आटो म्यूटेशन प्रणाली के प्रारंभिक चरण में ही 50 हजार इंतकाल स्वतः दर्ज किए जा चुके हैं। अब रजिस्ट्री के समय ही इंतकाल नंबर उपलब्ध हो जाएगा।

जिन मामलों में खेवट विभाजन की आवश्यकता नहीं होगी, उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल स्वीकृत कर दिया जाएगा। जिन मामलों में खेवट विभाजन आवश्यक होगा, उनमें अधिकतम 10 दिनों के भीतर इंतकाल का निपटान सुनिश्चित किया जाएगा।

15 दिनों के भीतर शेष सभी लंबित इंतकालों का समयबद्ध समाधान किया जाएगा। लोग इंतकाल की स्थिति आनलाइन देख सकेंगे तथा इंतकाल की प्रति आनलाइन डाउनलोड और प्रिंट भी कर सकेंगे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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