कुरुक्षेत्र, 17 जून। हरियाणा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग एवं कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर के दौरान केयू स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आशीष अनेजा ने बतौर मुख्यातिथि कहा कि स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच ही सफलता की आधारशिला हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों को स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित खानपान, नियमित व्यायाम तथा व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
शिविर में बतौर विशिष्ट अतिथि केयू लोकल ऑडिट विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सुखमीत सिंह ने रूचि के अनुरूप करियर का चयन करने व कौशल विकास अर्जित करने पर बल दिया। उन्होंने स्वयंसेवकों को वाणिज्य (कॉमर्स) विषय एवं इससे जुड़े विभिन्न रोजगार अवसरों के बारे में जानकारी दी। वहीं वरिष्ठ ऑडिटर भूपेंद्र सिंह ने युवाओं को अनुशासन, समर्पण और ईमानदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सुखविंद्र सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विद्यालय में पहली बार हरियाणा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से इस शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एनएसएस शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में सेवा, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। एनएसएस समन्वयक डॉ. गिरधारी लाल शर्मा ने स्वयंसेवकों को राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एनएसएस समाज सेवा और व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का धन्यवाद किया गया।
इस अवसर पर प्रवीण शर्मा, अनिल अत्री, रामनिवास, मीनाक्षी, दिव्या रानी, प्रीतम कुमार, बंसी लाल, नरेश कुमार, नरेंद्र, कविता, डॉ. सुशील टाया एवं सतीश, सुनील, महेंद्र शर्मा सहित एनएसएस अधिकारी, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
कुरुक्षेत्र, 17 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के आदेशानुसार केयू अधिष्ठाता भाषा एवं कला संकाय प्रो. सुनीता सिरोहा को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेशों तक हिन्दी विभाग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह जानकारी देते हुए लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि अपनी नियुक्ति के लिए प्रो. सुनीता सिरोहा ने कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा का आभार व्यक्त करते हुए हिन्दी विभाग को शिक्षा, शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने की बात कही।
कुरुक्षेत्र, 17 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के आदेशानुसार भूगोल विभाग की प्रो. डॉ. सुमन चौहान को भूगोल विभाग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि प्रो. सुमन चौहान का कार्यकाल 19 जून से आगामी तीन वर्षों के लिए होगा। इसके साथ ही वे एकेडमिक काउंसिल, फैकल्टी ऑफ साइंसिज की सदस्य तथा बोर्ड ऑफ स्टडीज क चेयरपर्सन भी होगी। उन्होंने बताया कि प्रो. सुमन चौहान ने अपनी नियुक्ति के लिए कुवि कुलगुरु का आभार जताते हुए विभाग की शैक्षणिक नीतियों, पाठ्यक्रम विकास, शोध गतिविधियों तथा विद्यार्थियों के हित में कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।
कुरुक्षेत्र, 17 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के आदेशानुसार ने यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (यूएसएम) के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार मित्तल को प्रोफेसर प्रतिनिधि के रूप में विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल का सदस्य मनोनीत किया है। यह जानकारी देते हुए लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि प्रो. अनिल मित्तल को 29 जून 2026 से दो वर्ष के लिए एकेडमिक काउंसिल के सदस्य होंगे।
दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि आज
एमसीए, एमबीए, एलएलबी, एमए अंग्रेजी, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, एमएससी रसायन विज्ञान और मनोविज्ञान में सर्वाधिक रुचि
कुरुक्षेत्र, 17 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के निर्देशानुसार केयू के विभिन्न स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवदेन की अंतिम तिथि 18 जून है। लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि अभी तक पीजी पाठ्यक्रमों में 3276 सीटों के लिए कुल 7388 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि एमसीए, एमबीए, एलएलबी, एमए अंग्रेजी, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, एमएससी रसायन विज्ञान और मनोविज्ञान सहित अन्य विषयोें में विद्यार्थियों ने दाखिले में सर्वाधिक रुचि दिखाई है।
प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए) में 557, एमबीए (बजटेड) में 533, एलएलबी (प्रोफेशनल) में 531 तथा एमबीए (सेल्फ फाइनेंस) में 311 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इससे स्पष्ट है कि विद्यार्थियों का झुकाव तकनीकी, प्रबंधन और विधि शिक्षा की ओर लगातार बढ़ रहा है। विज्ञान संकाय के पाठ्यक्रमों में भी विद्यार्थियों की विशेष रुचि देखने को मिली है। एमएससी रसायन विज्ञान में 252, एमएससी जूलॉजी में 234, एमएससी भूगोल में 190, एमएससी बॉटनी में 184, एमएससी गणित में 175, एमएससी भौतिकी में 167 तथा एमएससी कंप्यूटर साइंस (सॉफ्टवेयर) में 155 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं एमएससी बायोटेक्नोलॉजी में 150, माइक्रोबायोलॉजी में 121 और फोरेंसिक साइंस में 111 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
वहीं एमए अंग्रेजी के लिए 273, एमए मनोविज्ञान 261, एमए राजनीति विज्ञान 240, एमए इतिहास 151 तथा एमए हिंदी के लिए 68 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त एमए अर्थशास्त्र में 114, एमए लोक प्रशासन में 64, एमए समाजशास्त्र में 50 तथा एमए पत्रकारिता एवं जनसंचार में 51 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
कानून संकाय में एलएलबी के अतिरिक्त एलएलएम (बजटेड) के लिए 379 तथा एलएलएम (एसएफएस) के लिए 217 आवेदन प्राप्त हुए हैं। शिक्षा एवं खेल से जुड़े पाठ्यक्रमों में बी.पी.एड. के लिए 151 तथा एम.पी.एड. के लिए 134 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वाणिज्य एवं प्रबंधन क्षेत्र में एम.कॉम के लिए 180 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं होटल प्रबंधन, पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान तथा सामाजिक कार्य जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में भी विद्यार्थियों की अच्छी रुचि देखने को मिली है।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि पीजी पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 18 जून निर्धारित है। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट या केयू आईयूएमएस पोर्टल पर जाकर दाखिला संबंधी जानकारी प्राप्त कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि आज
कुरुक्षेत्र, 17 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में वाणिज्य विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एम.ए. संगीत कार्यक्रम में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 जून निर्धारित की गई है।
विभाग के अध्यक्ष डॉ. अशोक शर्मा ने बताया कि संगीत एवं नृत्य विभाग भारतीय शास्त्रीय संगीत, वादन, गायन तथा नृत्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ उच्चस्तरीय शोध और अकादमिक उत्कृष्टता का केंद्र बन चुका है। वर्ष 1975 में स्थापित इस विभाग ने अपनी स्थापना के बाद से संगीत शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
विभाग में वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए एम.ए. संगीत (वोकल एवं इंस्ट्रुमेंटल) के दो वर्षीय तथा एक वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में प्रवेश के अवसर उपलब्ध हैं। दो वर्षीय एम.ए. संगीत (वोकल एवं इंस्ट्रुमेंटल) कार्यक्रम में कुल 36 सीटें निर्धारित हैं। वहीं इसके अतिरिक्त कश्मीरी प्रवासी, अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों, खेल प्रतिभाओं, एनसीसी, एनएसएस तथा सिंगल गर्ल चाइल्ड सहित विभिन्न श्रेणियों के लिए 17 सुपरन्यूमेरेरी सीटों का भी प्रावधान किया गया है। वहीं एक वर्षीय पीजी प्रोग्राम एम.ए. संगीत (वोकल) में 6 तथा एम.ए. संगीत (इंस्ट्रुमेंटल) में 4 सीटें उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि विभाग में शोध और उच्च शिक्षा के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। संगीत के विभिन्न अंतर्विषयक क्षेत्रों में पीएचडी कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसमें शास्त्रीय गायन, वादन, भारतीय शास्त्रीय नृत्य, लोक संगीत एवं लोक नृत्य से जुड़े विषयों पर शोध कार्य किया जाता है। विशेष रूप से हरियाणा की लोक-सांस्कृतिक परंपराओं और भारत के विभिन्न राज्यों की लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन पर भी विभाग विशेष ध्यान देता है।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि संगीत विभाग अपने विद्यार्थियों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि संगीत और नृत्य के माध्यम से रचनात्मकता, सांस्कृतिक चेतना और कलात्मक अभिव्यक्ति को भी प्रोत्साहित करता है। शास्त्रीय संगीत, वादन, गायन तथा नृत्य की विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण प्राप्त कर विद्यार्थी अकादमिक, सांस्कृतिक और पेशेवर क्षेत्रों में उत्कृष्ट करियर बना रहे हैं। संगीत एवं नृत्य विभाग आज विश्वविद्यालय के उन प्रमुख विभागों में शामिल है जो भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दाखिले से संबंधित विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
