कुरुक्षेत्र, 11 जून : मारकंडा नदी के तट पर श्री मारकंडेश्वर महादेव मंदिर ठसका मीरां जी में अखिल भारतीय श्री मारकंडेश्वर जनसेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत जगन्नाथ पुरी एवं अन्य संत महापुरुषों के सान्निध्य में वीरवार को अधिक मास की परमा एकादशी के अवसर पर सर्वकल्याण की भावना से विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ पूजन एवं भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
महंत जगन्नाथ पुरी ने बताया कि अधिक मास के कृष्ण पक्ष की परमा एकादशी सबसे दुर्लभ और पुण्यदायी तिथियों में से एक है। परमा शब्द का अर्थ ही सर्वोत्तम व सबसे श्रेष्ठ है। इस दिन पूजन करने से साधक के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे धन, वैभव तथा अंत में बैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है।
उन्होंने बताया कि यह पूजन व्यक्ति के जाने-अनजाने में हुए पाप कर्मों को जलाकर उसे सभी प्रकार के दुखों से मुक्ति दिलाता है। पद्म पुराण के अनुसार स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन और युधिष्ठिर को इसका महत्व बताया था। धन के देवता कुबेर ने इसी पूजन के प्रभाव से भगवान शिव जी की कृपा प्राप्त कर देवताओं के कोषाध्यक्ष का पद पाया था। राजा हरिश्चंद्र ने पूजन के प्रभाव से अपना खोया हुआ राज्य और परिवार पुनः प्राप्त किया था। इस अवसर स्वामी संतोषानंद, स्वामी रामनाथ पुरी, बिल्लू पुजारी, नाजर सिंह, सुक्खा सिंह, नीलम शर्मा, अंजलि व संतोष इत्यादि भी मौजूद रहे।
