करनाल, 11 जून।    हरियाणा के अन्य जिलों की तरह करनाल ने भी पिछले 12 सालों में विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। विशेष रूप से करनाल स्मार्ट सिटी की करोड़ों की परियोजनाओं ने शहर की कायापलट कर दी है। मजबूत बुनियादी ढांचे और सामाजिक सेवाओं के विस्तार ने लोगों के जीवन को सरल बनाया है।

राष्ट्रीय  राजमार्ग संख्या-44 पर स्थित करनाल हरियाणा के पुराने शहरों में एक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार करनाल शहर की स्थापना महाभारत के प्रसिद्ध योद्धा और दानवीर राजा कर्ण द्वारा की गई थी। यह शहर 29.68 डिग्री उत्तर और 76.98 डिग्री पूर्व में और समुद्र तल से 240 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। भौगोलिक रूप से यह शहर सिंधु-गंगा के मैदानों का हिस्सा रहा है। प्रदेश के इस जिला को मुख्य रूप से भारत के धान के कटोरे के रूप में जाना जाता है।

वैसे तो हरियाणा गठन के बाद करनाल में भी अपेक्षित विकास कार्य हुए हैं लेकिन स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं ने शहर की तस्वीर ही बदल दी है। 23 जून 2017 को करनाल शहर का चयन स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 100 स्मार्ट सिटी शहरों की श्रेणी में किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, नागरिकों को गुणवत्तापरक जीवन प्रदान करना, स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना, जीवन की समस्याओं को सुलझाना व कार्यों को अधिक कुशलता से करने के लिए उन्नत तकनीकों को लागू करना तथा स्मार्ट संसाधनों का अनुप्रयोग सुनिश्चित करना है। करनाल स्मार्ट सिटी लि. (केएससीएल) ने 930 करोड़ रुपये की 122 परियोजनाएं शुरू की हैं जिनमें से कुछ पूरी हो चुकी है और कुछ पर काम जारी है। इन पर केंद्र और हरियाणा सरकार की ओर से समान राशि खर्च की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा केएससीएल की समय सीमा को बढ़ाकर 31 मार्च, 2027 किया जा चुका है। अब बात करते हैं स्मार्ट सिटी की कुछ प्रमुख परियोजनाओं की-

एलिवेटेड फ्लाईओवर

शहर को जाम से मुक्ति दिलाने और यातायात को सुचारू ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से 128.77 करोड़ की लागत से एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण कार्य 15 जनवरी 2025 को शुरू किया गया था। कार्य इस साल 31 दिसंबर तक पूरा किया जाना है। एकल स्तंभ पर बनाए जा रहे एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण दो खंडों में किया जा रहा है। यह शहर के मध्य रेलवे रोड विक्रम मार्ग से हरियाणा नर्सिंग होम और वाल्मीकि चौक से अंबेडकर चौक तक बनाया जा रहा है। प्रथम खंड की लंबाई 2.38 किमी और दूसरे की 980 मीटर है। दोनों खंडों में 85 स्तंभ हैं।

शक्ति कॉलोनी में मिश्रित उपयोग विकास

जमीन के बेहतर उपयोग और निवेश को आकर्षित करके आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शहर की शक्ति कॉलोनी में वाणिज्यिक ब्लाक ए और बी, महिला आश्रम, नारी निकेतन, ऑब्जर्वेशन सेंटर और कामकाजी महिलाओं के लिए होस्टल का निर्माण किया जा रहा है। 4 अगस्त 2022 को शुरू हुआ इन परियोजनाओं के निर्माण का कार्य 31 अगस्त तक पूरा होने की संभावना है। इन पर 106.97 करोड़ की लागत आएगी।

पुरानी अनाज मंडी में वाणिज्यिक स्थल

पुरानी अनाज मंडी में 30.80 करोड़ की लागत बनाए जा रहे वाणिज्यिक स्थल निर्माण कार्य भी 31 जुलाई तक पूरा होने की उम्मीद है। यह परियोजना पूरी होने से नागरिकों के लिए व्यापार और आर्थिक विकास के नए द्वार खुलेंगे। वाणिज्यिक स्थल में भूतल पर 24 शोरूम, पहली मंजिल पर 34 दुकानें, दूसरी पर फूड कोर्ट और तीसरी मंजिल पर गेमिंग जोन का प्रावधान किया गया है। इसमें 190 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग के लिए दोहरी बेसमेंट का उपलब्ध रहेगी।

इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स

खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सेक्टर 32 में 44.00 करोड़ की लागत से इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनाया गया है। यहां अंतर्राष्ट्रीय मानक वाला तरणताल(स्विमिंग पूल), विशाल बेडमिंटन हॉल, 400 सीटों वाली दर्शक गैलरी आदि का निर्माण कराया गया है। स्विमिंग पुल में राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए यहां बड़ी संख्या में तैराक नियमित अभ्यास कर रहे हैं।

कैलाश गांव में हॉकी स्टेडियम

नजदीकी गांव कैलाश में 18.27 करोड़ की लागत से हॉकी स्टेडियम का निर्माण कराया गया है जिसमें स्प्रिंकर प्रणाली के साथ-साथ एफआईएच मानक एस्ट्रोटर्फ के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर का मुख्य हॉकी मैदान है। स्टेडियम में वीआईपी गैलरी सहित तीन दर्शक दीर्घाओं में 600 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। रात्रि मैचों के लिए हर खंभे पर 18 एलईडी लाइट्स के साथ चार हाई मास्ट लाइट लगाई गई हैं।

ओल्ड एज होम

बुजुर्गों के लिए सुरक्षित और मैत्रीपूर्ण आश्रय स्थल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सेक्टर 32 में 10.10 करोड़ की लागत से ओल्ड एज होम बनाया गया है। इसके बेसमेंट को बहुउद्देश्यीय कार्यों के लिए उपयोग किया जा सकता है। भूतल पर टीवी व इंडोर गेम रूम, डाइनिंग एरिया, नर्सिंग स्टेशन, विजिटर रूम, कार्यालय आदि सहित 14 कमरे बनाए गए हैं। यहां प्रथम मंजिल पर 14 और दूसरी पर 15 कमरे बनाए गए हैं जिनमें टीवी और गेम रूम आदि की सुविधाएं हैं।

कैनाल डेवलपमेंट फ्रंट

करनाल स्मार्ट सिटी लि. की ओर से पश्चिमी यमुना नहर के साथ पिकनिक व मनोरंजन स्थल विकसित किया गया है जिस पर 8.50 करोड़ की लागत आई है। यहां बना घाट त्यौहारों पर धार्मिक अनुष्ठानों की सुविधा प्रदान करता है। यहां नवीन तकनीक व प्रकाश की व्यवस्था के साथ आधुनिक फव्वारा, करीब 2.5 किमी लंबा पैदल ट्रैक बनाया गया है। इसके अलावा साइकिल ट्रैक, पेड़ों के साथ बैठने की जगह, ओपन जिम, योग प्लेटफॉर्म, पिकनिक हट आदि भी बनाए गए हैं।

क्रिकेट ग्राउंड

सेक्टर 9 में प्रशिक्षु और नियमित क्रिकेट खिलाडिय़ों के लिए 1.84 करोड़ की लागत से क्रिकेट खेल मैदान विकसित किया गया है जिसका क्षेत्रफल 21568 वर्गमीटर है। इसके अलावा 106 वर्गमीटर में कॉमन हॉल बनाया गया है।

अन्य परियोजनाएं

सेक्टर 33 में 11.20 करोड़ की लागत से कम्युनिटी हॉल, लाइब्रेरी, बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण कराया गया है। 153.37 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटिड कंट्रोल कमांड सेंटर तथा  38.35 करोड़ का स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग का प्रोजेक्ट पहले ही पूरा किया जा चुका है।

विकास की यह रफ्तार न केवल शहर को एक नया लुक प्रदान कर रही है बल्कि नागरिकों के जीवन को और अधिक सरल बनाने में अहम साबित हो रही है। इसे 2047 तक विकसित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के संकल्प को साकार करने की कड़ी के रूप में भी देखा जा रहा है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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