चंडीगढ़। आठ विदेशी मेडिकल कालेजों से एमबीबीएस या अन्य डिग्री लेने वाले छात्र हरियाणा में डॉक्टरी नहीं कर सकेंगे। राज्य चिकित्सा परिषद ने मध्य अमेरिकी देश बेलीज और मध्य एशियाई देश उज्बेकिस्तान के प्रतिबंधित चिकित्सा संस्थानों की सूची जारी करते हुए युवाओं को सचेत किया है।

इनमें तीन चिकित्सा संस्थान बेलीज और चार उज्बेकिस्तान के हैं। इसके अलावा एक मेडिकल कॉलेज बेंगलुरु का है, जहां उज्बेकिस्तान का आफशोर कैंपस (शिक्षण संस्थान का वह परिसर, जो किसी दूसरे देश में स्थापित किया जाता है) शामिल है।

हरियाणा चिकित्सा परिषद के रजिस्ट्रार डॉ. मनदीप कुमार सचदेवा ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा जारी निर्देशों का जिक्र करते हुए विदेशी चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में प्रवेश लेने वाले छात्रों को चेतावनी जारी की है। भारत में प्रतिबंधित किए गए आठों विदेशी चिकित्सा संस्थान निर्धारित मानदंडों और नियमों, जिसमें विदेशी चिकित्सा स्नातक लाइसेंसधारी (एफएमजीएल) विनियम, 2021 शामिल हैं, का अनुपालन नहीं कर रहे हैं।
ऐसे संस्थानों में प्रवेश लेने वाले छात्रों को भविष्य में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इनमें चिकित्सा योग्यता की मान्यता न मिलना, भारतीय चिकित्सा परिषद या राज्य चिकित्सा परिषदों में पंजीकरण न होना, लाइसेंसिंग परीक्षाओं में शामिल होने में परेशानी, अपर्याप्त क्लीनिकल प्रशिक्षण और आर्थिक व शैक्षणिक नुकसान जैसी स्थितियां शामिल हैं।
राज्य चिकित्सा परिषद ने छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी है कि वे किसी भी विदेशी मेडिकल संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता और एफएमजीएल विनियम, 2021 के अनुपालन की पूरी जांच करें। कोई भी संस्थान एनईईटी योग्यता सहित निर्धारित प्रक्रिया के बाहर प्रवेश की गारंटी नहीं दे सकता। साथ ही छात्रों को असत्यापित एजेंटों से सावधान रहने तथा किसी भी शुल्क भुगतान से पहले संस्थान की वास्तविक स्थिति की पुष्टि करने की अपील की है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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