करनाल 10 जून, नगर निगम कार्यालय में बुधवार को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत स्वनिधि महोत्सव-लोक कल्याण मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 54 पथ विक्रेताओं ने भाग लिया। उप निगम आयुक्त विनोद नेहरा ने बताया कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पथ विक्रेताओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
पथ विक्रेताओं को जारी किए गए लेटर ऑफ रिकमेंडेशन।
कार्यक्रम के दौरान 12 पथ विक्रेताओं को लेटर ऑफ रिकमेंडेशन (एल.ओ.आर.) जारी किए गए,, जिससे वे प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत ऋण का लाभ प्राप्त कर सकें। अधिकारियों ने पथ विक्रेताओं को योजना से जुड़ी प्रक्रियाओं एवं लाभों की भी जानकारी दी। इसके अतिरिक्त 2 पात्र पथ विक्रेताओं को क्रेडिट कार्ड भी जारी किए गए।
सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइलिंग कर योजनाओं से जोडऩे की पहल।
शिविर में पथ विक्रेताओं की सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइलिंग भी की गई, ताकि उनकी पारिवारिक, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का आकलन कर उन्हें केन्द्र व राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा सके। अधिकारियों ने बताया कि प्रोफाइलिंग के माध्यम से पथ विक्रेताओं को वन नेशन वन राशन कार्ड, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण योजना, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना सहित विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
पथ विक्रेताओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।
उप निगम आयुक्त विनोद नेहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना पथ विक्रेताओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। नगर निगम लगातार प्रयास कर रहा है कि अधिक से अधिक पथ विक्रेता योजना से जुडक़र स्वरोजगार को मजबूत करें तथा सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे शिविरों एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा।
स्वास्थ्य जांच शिविर में की गई स्क्रीनिंग।
नगर निगम के आग्रह पर एक बार पुन: सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से निगम कार्यालय परिसर में एक विशेष स्वास्थ्य स्क्रीनिंग शिविर भी लगाया गया। शिविर में पथ विक्रेताओं एवं आम नागरिकों के स्वास्थ्य की जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रतिभागियों का ब्लड प्रेशर, शुगर एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए। शिविर के दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा मधुमेह (डायबिटीज) रोग के प्रति जागरूकता एवं काउंसलिंग की गई। जिन व्यक्तियों में मधुमेह के लक्षण पाए गए, उन्हें आगे की जांच एवं उपचार के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम एवं समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाने की भी सलाह दी।
