करनाल 10 जून, प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के मद्देनजर नगर निगम करनाल ने शहरवासियों से पेयजल के संरक्षण एवं उसके विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की है। अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल की मांग सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी बढ़ जाती है। ऐसे में पानी का अनावश्यक एवं गैर-जरूरी कार्यों में उपयोग करने से कई क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने बताया कि अक्सर देखा जाता है कि कुछ लोग वाहनों की धुलाई, सडक़ों पर अनावश्यक पानी का छिडक़ाव, आंगनों एवं खुले स्थानों की सफाई तथा अन्य गैर-जरूरी कार्यों में पेयजल का उपयोग करते हैं। इसके अतिरिक्त कई स्थानों पर घरेलू सहायकों एवं वाहन चालकों द्वारा भी पेयजल का अत्यधिक और अनुचित उपयोग किया जाता है, जिससे पानी की अनावश्यक बर्बादी होती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है। भूजल स्तर लगातार घट रहा है तथा बढ़ती गर्मी के कारण जल स्रोतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। यदि समय रहते पानी की बचत नहीं की गई तो भविष्य में जल संकट और गंभीर रूप ले सकता है।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि पेयजल का उपयोग केवल पीने, भोजन बनाने एवं घरेलू आवश्यक कार्यों के लिए ही करें। वाहन धोने, सडक़ों पर पानी बहाने, खुले स्थानों पर अनावश्यक छिडक़ाव करने तथा अन्य गैर-जरूरी गतिविधियों में पेयजल का प्रयोग न करें। घरों में लगे नलों एवं टंकियों की नियमित जांच करें ताकि किसी प्रकार का रिसाव होने पर उसे तुरंत ठीक कराया जा सके। साथ ही वर्षा जल संचयन एवं जल संरक्षण के अन्य उपायों को भी अपनाया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम द्वारा जल संरक्षण को लेकर निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई व्यक्ति पेयजल का दुरुपयोग करते हुए पाया जाता है अथवा वाहनों की धुलाई एवं अन्य गैर-जरूरी कार्यों में पेयजल का इस्तेमाल करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पडऩे पर संबंधित उपभोक्ता का पानी का कनेक्शन भी काटा जा सकता है।
अतिरिक्त निगमायुक्त ने कहा कि जल ही जीवन है और इसकी प्रत्येक बूंद अमूल्य है। नागरिकों के सहयोग से ही शहर में सभी लोगों तक पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक जल संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे और आने वाली पीढय़िों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने में योगदान दें।
