कुरुक्षेत्र, 4 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के दिशा-निर्देशन में खेल निदेशालय द्वारा आयुष विभाग के सहयोग से आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के क्रम में विश्वविद्यालय के मल्टीपरपज हॉल में रिहर्सल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम खेल निदेशक प्रोफेसर दिनेश राणा के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा योग विशेषज्ञों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
रिहर्सल कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षित योग विशेषज्ञों द्वारा खिलाड़ियों को योग की मूलभूत अवधारणाओं, विभिन्न आसनों की सही तकनीक, शारीरिक एवं मानसिक लाभ तथा दैनिक जीवन में योग को अपनाने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खेल निदेशक प्रोफेसर दिनेश राणा ने कहा कि आज के आधुनिक और भागदौड़ भरे जीवन में योग का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। योग भारतीय संस्कृति और सभ्यता की अमूल्य धरोहर है, जिसने पूरे विश्व को स्वास्थ्य और संतुलन का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन, मस्तिष्क और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने की एक अद्भुत प्रक्रिया है।
उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिवस विशेष तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं। नियमित योगाभ्यास न केवल विभिन्न बीमारियों से बचाव करता है, बल्कि जीवन में सकारात्मक सोच, अनुशासन और आत्मसंयम का भी विकास करता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में योग हर व्यक्ति के जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और स्वस्थ भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर आयुष विभाग के योग विशेषज्ञों ने भी खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए बताया कि योग भारत की वह प्राचीन विद्या है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। योग के माध्यम से व्यक्ति तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं से मुक्ति पा सकता है तथा अपने जीवन को अधिक स्वस्थ और सुखद बना सकता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य केवल एक दिन योग करना नहीं, बल्कि योग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और इसे जन-जन तक पहुंचाना है। रिहर्सल कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, त्रिकोणासन, वज्रासन सहित अनेक महत्वपूर्ण योगासनों का अभ्यास किया। इसके साथ ही प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, कपालभाति तथा ध्यान संबंधी गतिविधियों का भी प्रदर्शन किया गया। खिलाड़ियों ने योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में इन सभी क्रियाओं को अत्यंत गंभीरता और समर्पण के साथ सीखा। कार्यक्रम में उपस्थित प्रशिक्षकों ने भी खिलाड़ियों को योग के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास खेल प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस अवसर पर बॉक्सिंग कोच राजेश कुमार राजौंद, वॉलीबॉल कोच राजेश कुमार, हॉकी कोच मलकीत कौर, योगा इंस्ट्रक्टर रजनी देवी, आयुष विभाग के योग अधिकारी तथा विभिन्न खेलों के खिलाड़ी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
