करनाल, 2 जून। उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा बेटियों की शादी में आर्थिक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना संचालित की जा रही है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने और बेटियों के विवाह के लिए प्रोत्साहन देने का एक सराहनीय प्रयास है।
उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति और टपरीवास समुदाय के पात्र परिवारों को 71 हजार रुपये की राशि विवाह के अवसर पर दी जा रही है। इसी प्रकार पिछड़ा वर्ग परिवार को विवाह के अवसर पर कन्यादान के रूप में 51 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। वहीं विधवा, तलाकशुदा, अनाथ या बेसहारा महिलाओं के पुनर्विवाह पर (यदि पहली शादी के समय योजना का लाभ नहीं लिया गया हो) को भी 51 हजार रुपये की राशि दी जाती है। यदि नवविवाहित दंपती दिव्यांग हैं तो उन्हें भी 51 हजार रुपये की सहायता राशि मिलेगी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की कन्याओं के विवाह में सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले पिछड़े वर्ग के परिवारों को उनकी बेटियों के विवाह के लिए, किसी भी वर्ग की महिला खिलाडिय़ों को उनकी स्वयं की शादी के लिए और ऐसे दिव्यांग जोड़ों को जिनमें पति या पत्नी में से कोई एक भी दिव्यांग हो, उसे भी अब 51 हजार रुपये की राशि कन्यादान स्वरूप दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए विवाह के 6 महीने के भीतर विवाह पंजीकरण कराना जरूरी है। योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को बहुत सरल और सुगम बनाया गया है ताकि पात्र व्यक्ति आसानी से लाभ उठा सकें। आवेदक http://shadi.edisha.gov.in/ पोर्टल पर जाकर मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
