चंडीगढ़ : भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाए गए मोहन लाल बड़ौली जल्द ही सरकार या संगठन में नई भूमिका में नजर आ सकते हैं। केंद्रीय नेतृत्व उन्हें संगठन में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी सौंप सकता है। इसके अलावा किसी बोर्ड-निगम की चेयरमैनी भी दी जा सकती है।

हरियाणा में लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बड़ौली को लंबे सांगठनिक अनुभव का लाभ मिलेगा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का कार्यकाल अमूमन तीन साल का होता है, लेकिन वह केवल दो साल ही इस पद पर रह सके।
बड़ौली से पहले ओमप्रकाश धनखड़ और कृष्ण पाल गुर्जर ने चार-चार साल और सुभाष बराला ने करीब छह साल तक प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी संभाली थी। धनखड़ वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव हैं, जबकि कृष्ण पाल गुर्जर केंद्रीय राज्य मंत्री और सुभाष बराला राज्यसभा के सदस्य हैं।

बड़ौली की प्रदेशाध्यक्ष पद से छुट्टी के लिए कई विवाद जिम्मेदार बताए जाते हैं। दिल्ली की एक महिला द्वारा बड़ौली और राकी मित्तल पर लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों के मामले में कसौली की अदालत तीन साल चली सुनवाई के बाद केस को खत्म कर चुकी है, लेकिन इस विवाद का खामियाजा भी बड़ौली को भुगतना पड़ा। इससे पहले खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह के यौन शोषण के मामले में फंसने के बाद पार्टी मजबूती से उनके साथ खड़ी रही थी, लेकिन बाद में विधानसभा चुनाव के दौरान उनका टिकट काट दिया गया था।

हमेशा संगठन को माना सर्वोपरि: बड़ौली

नई प्रदेशाध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता को बधाई देते हुए मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष के रूप में कार्य करने का जो अवसर मुझे पार्टी नेतृत्व एवं कार्यकर्ताओं के स्नेह, विश्वास और सहयोग से प्राप्त हुआ, वह मेरे सार्वजनिक जीवन की एक अमूल्य धरोहर रहेगा।

इस दायित्व का निर्वहन करते हुए मैंने सदैव संगठन को सर्वोपरि मानते हुए पार्टी की विचारधारा, कार्यकर्ता सम्मान और जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। प्रदेश के प्रत्येक जिले, मंडल और बूथ स्तर तक जाकर कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करना, उनके उत्साह और समर्पण को देखना मेरे लिए सदैव प्रेरणादायी अनुभव रहा। आज जब संगठन ने नई जिम्मेदारी के साथ नई ऊर्जा एवं नए नेतृत्व को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है, तब मैं पूर्ण विश्वास के साथ कह सकता हूं कि भाजपा निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी। मैं स्वयं भी एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में सदैव पार्टी, संगठन और राष्ट्रहित के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करता रहूंगा।

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