करनाल 22 जुलाई, नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने बुधवार को शहर के वार्ड नम्बर-1 एवं 2 का विस्तृत दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों, साफ-सफाई व्यवस्था, पार्कों की स्थिति, सीवरेज लाइनों, स्टॉर्म वाटर निकासी के नाले-नालियों तथा नागरिक सुविधाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने तथा स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर वार्ड-1 की पार्षद सुदेश रानी व पार्षद प्रतिनिधि सुभाष कोच, वार्ड-2 की पार्षद बेबी पाल व पार्षद प्रतिनिधि नरेश पाल, कार्यकारी अभियंता प्रदीप कल्याण, सहायक अभियंता मंजीत राठी, स्वच्छता अधिकारी महावीर सोढी, मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेन्द्र चोपड़ा सहित इंजीनियरिंग एवं सेनीटेशन विंग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
झंझाड़ी जोहड़ के सौंदर्यकरण कार्य में गुणवत्ता का रखें ध्यान।
निगमायुक्त ने सर्वप्रथम वार्ड-1 के गांव झंझाड़ी, ढेहा बस्ती, उचानी, बलड़ी तथा बसंत विहार क्षेत्र का निरीक्षण किया। गांव झंझाड़ी में लगभग 49.31 लाख रुपये की लागत से चल रहे जोहड़ सौंदर्यकरण कार्य का जायजा लेते हुए उन्होंने कार्यकारी अभियंता को निर्देश दिए कि कार्य में तेजी लाई जाए तथा प्रत्येक चरण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्माण सामग्री के सैंपलों की नियमित जांच करवाने के भी निर्देश दिए ताकि कार्य में किसी प्रकार की कमी न रहे।
एस.सी. चौपाल का निरीक्षण, नई चौपालों के निर्माण हेतु फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश।
इसके उपरांत उन्होंने लगभग 32 लाख रुपये की लागत से निर्मित नई एस.सी. चौपाल का निरीक्षण किया। इस दौरान पार्षद ने वाल्मीकि चौपाल एवं पाल चौपाल के पुराने भवनों के स्थान पर नए भवन निर्माण की मांग रखी। निगमायुक्त ने अभियंताओं को दोनों स्थलों की फिजिबिलिटी जांच कर विस्तृत अनुमान तैयार करने के निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने उन्होंने ग्रामीणों से डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था की जानकारी भी ली। ग्रामीणों ने बताया कि प्रतिदिन कूड़ा एकत्रीकरण वाहन गांव में पहुंच रहे हैं तथा नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखी जा रही है। इस पर निगमायुक्त ने संतोष व्यक्त करते हुए इसी प्रकार व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
ड्रेनों में कचरा डालने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई।
ढेहा बस्ती के निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने देखा कि कुछ दुकानदार एवं स्थानीय लोग ड्रेन में कचरा डाल रहे हैं, जिससे जल निकासी प्रभावित हो रही है। उन्होंने पार्षद से लोगों को जागरूक करने का आग्रह करते हुए स्वच्छता टीम को ऐसे लोगों के विरुद्ध चालान करने के निर्देश दिए। गांव उचानी में उन्होंने अधूरे नाले के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए, जबकि गांव बलड़ी में सामुदायिक केन्द्र के शेष कार्यों का अनुमान तैयार कर जल्द निर्माण शुरू कराने को कहा।
बसंत विहार में जलापूर्ति लीकेज एवं सीवरेज समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश।
बसंत विहार क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने जलापूर्ति पाईपलाईन में लीकेज की समस्या का तुरंत समाधान करने तथा जहां-जहां सीवरेज जाम की शिकायतें हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस दौरान पार्षद द्वारा बसंत विहार मुख्य मार्ग को चौड़ा करने एवं सेंट्रल वर्ज के निर्माण की मांग रखी गई। निगमायुक्त ने अभियंताओं को इसकी व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) का परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
वार्ड-2 में विकास कार्यों की प्रगति का लिया जायजा
वार्ड-2 स्थित अशोका नर्सरी में निगमायुक्त ने इंटरलॉकिंग पेवर ब्लॉक से बन रही लगभग 6.50 लाख रुपये लागत की गली के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को कार्य निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। एजेंसी प्रतिनिधि ने चालू सप्ताह के भीतर कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने पार्क में लगभग 6.20 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे दो शेड तथा बेंचों के आसपास पक्के फर्श के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। एजेंसी प्रतिनिधि ने यह कार्य आगामी 15 दिनों में पूरा करने की जानकारी दी।
बुढ़ाखेड़ा चौक के सौंदर्यकरण एवं ओपन एयर जिम की संभावनाओं का होगा परीक्षण।
गांव बुढ़ाखेड़ा के निरीक्षण के दौरान पार्षद ने चौक का टाइल्स एवं पौधारोपण के माध्यम से सौंदर्यकरण कराने की मांग रखी। निगमायुक्त ने अभियंताओं को इसकी फिजिबिलिटी जांचकर उपयुक्त योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चौक का विकास इस प्रकार किया जाए कि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। ओपन एयर जिम की स्थापना की मांग पर उन्होंने कहा कि यदि उपयुक्त सार्वजनिक भूमि उपलब्ध कराई जाती है तो प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।
बागवत क्षेत्र की गलियों का होगा निरीक्षण, आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी।
निरीक्षण के दौरान बागवत क्षेत्र की क्षतिग्रस्त गलियों की मरम्मत का मांग भी की गई। निगमायुक्त ने संबंधित अभियंताओं को मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
सी एंड डी वेस्ट, सिल्ट और अवैध कब्जों पर रहेगी कड़ी निगरानी।
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर या गांव के किसी भी हिस्से में सी एंड डी वेस्ट (निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट), ठोस कचरा अथवा नालों से निकाली गई सिल्ट दिखाई नहीं देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नालियों एवं ड्रेनों में कूड़ा-कचरा अथवा गोबर डालने की प्रवृत्ति जल निकासी व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। ऐसे में नागरिकों को इसके प्रति जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने पार्षदों से कहा कि गांवों में किसी प्रकार के अवैध कब्जे न होने दें। यदि कहीं अतिक्रमण की जानकारी मिलती है तो उसकी सूचना नगर निगम को दें, ताकि तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जा सके।
जनसहभागिता से ही स्वच्छ और विकसित शहर का सपना होगा साकार।
दौरे के दौरान नगर निगम आयुक्त ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल विकास कार्य करवाना ही नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता, समयबद्धता और दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और विकास दोनों में जनसहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि नागरिक नालियों एवं ड्रेनों में कचरा या गोबर डालने से बचें तथा सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा में सहयोग करें तो जलभराव, गंदगी और अन्य समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
