पंचकूला। शहर के सेक्टर-4 स्थित प्रसिद्ध ज्वेलर रजत खन्ना ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद शहर के व्यापारिक वर्ग में भारी रोष और चिंता का माहौल है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रजत खन्ना लंबे समय से फाइनेंसरों के दबाव और कथित प्रताड़ना से परेशान थे।
बताया जा रहा है कि रजत खन्ना ने मोटे ब्याज पर उधार लिया हुआ था और संबंधित फाइनेंसर लगातार उन पर पैसे लौटाने का दबाव बना रहे थे। परिजनों और करीबी लोगों का आरोप है कि मानसिक प्रताड़ना और धमकियों से परेशान होकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।
सूत्रों के अनुसार, 26 मई को रजत खन्ना और उनके परिवार ने अपने वकील के माध्यम से पंचकूला पुलिस को एक शिकायत भी दी थी। शिकायत में उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए कुछ लोगों द्वारा धमकियां दिए जाने का आरोप लगाया था।
अब इस मामले में पंचकूला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का नाम भी चर्चा में बताया जा रहा है। एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सुसाइड नोट की जांच की जा रही है और उसमें लिखे तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि पांच फाइनेंसरों के नाम भी सामने आ रहे हैं, जिनसे कारोबारी कथित रूप से परेशान थे।
यह भी चर्चा है कि पंचकूला के डिटेक्टिव स्टाफ का एक अधिकारी कुछ दिन पहले रजत खन्ना के घर पहुंचा था। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
लोगों के अनुसार रजत खन्ना धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे और समाज में उनकी अच्छी छवि थी। कुछ समय पहले उनकी दुकान पर रेड जैसी कार्रवाई भी हुई थी, जिसके बाद से उनका कारोबार प्रभावित चल रहा था। आर्थिक और मानसिक दबाव के कारण तनाव में रहने लगे थे।
घटना के बाद पंचकूला के व्यापारियों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। व्यापारी संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सुसाइड नोट समेत अन्य पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
