अंबाला शहर। शहजादपुर क्षेत्र के बिचपड़ी गांव में 23 मई को हुए तिहरे हत्याकांड में चौकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपित अभिषेक को मंगलवार रात को पुलिस ने मुठभेड़ में धरदबोचा।
इस दौरान उसे बाईं पैर में और दाईं टांग में गोली लगी थी। जिला अस्पताल में भर्ती 22 वर्षीय आरोपित अभिषेक की हालत सामान्य है और उसका उपचार जारी है। उसे बुधवार को कैदी वार्ड में भर्ती कर लिया गया।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि आरोपित अभिषेक अपने भाई संदीप की गालियां सुनकर उब चुका था। उसके मन में जहर भर चुका था और करीब एक साल पहले हत्या का विचार आया था। कई बार उसके मन में आया कि वह उसे गोली मार दे लेकिन इतनी हिम्मत वह नहीं कर पाया।
धीरे-धीरे भाई संदीप की बातें उसे चुभती गई और उसने उसकी हत्या की ठान ली। करीब आठ महीने पहले उत्तरप्रदेश से आटोमैटिक देसी पिस्तौल 32 बोर भी करीब 60 हजार रुपये में खरीद लाया था। खरीदने के बाद उसने खुद ही इसे चलाने का प्रशिक्षण लिया। कई बार निशाने लगाकर देखे।
मसलन गोली चलाने में परिपक्व हो गया। 23 मई को जब उसने वारदात को अंजाम दिया तब उसके सटीक निशाने लगे। भाई संदीप पर चार गोलियां दागी तीन उसे लगी, चाचा पर तीन गोलियां दागी दो लगी, दादी को एक गोली में ढेर कर दिया जबकि चाची को भी एक गोली मारी और मृत समझकर भाग गया। अभी वह चंडीगढ़-32 अस्पताल में उपचाराधीन है। वारदात में प्रयुक्त पिस्तौल भी पुलिस ने आरोपित से बरामद कर ली है।
चाची- चाचा भी देते थे संदीप का साथ
अभिषेक ने शुरुआती पूछताछ में बताया कि उसके भाई संदीप की उसके पिता की जमीन और चाचा की जमीन पर भी नजर थी। आरोपित अभिषेक के पिता सतबीर के पास तीन एकड़ पुस्तैनी और दो एकड़ श्यामलात जमीन है जबकि चाचा महेंद्र के पास ढाई एकड़ पुस्तैनी और दो एकड़ श्यामलात जमीन है।
आधा एकड़ जमीन महेंद्र ने बेच दी थी। अभिषेक ने बताया कि उसका भाई न केवल अपने पिता की जमीन बल्कि चाचा की जमीन भी अपने नाम करवाना चाहता था क्योंकि उसके चाचा के पास कोई संतान नहीं है। वह अभिषेक को गालियां भी देता रहता था।
अभिषेक ने बताया कि उसके चाचा-चाची भी संदीप का ही साथ देते थे। पुलिस को अभी यह नहीं पता चला कि दादी की हत्या क्यों की। चूंकि दादी इशरो देवी उसके चाचा-चाची के पास रहती थी इसीलिए अभिषेक को शक था कि वह भी संदीप को भड़काने का काम करती है। उसके भाई संदीप को लगता था कि उसके पिता सतबीर उसे छोटे भाई अभिषेक पर ही सारा धन लुटा रहे हैं और उसे कुछ नहीं दे रहे।
हत्याकांड के बाद, हिमाचल प्रदेश में भी चला गया था आरोपित
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित कालाआंब की तरफ व हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में चला गया था यह अंबाला के बिल्कुल साथ ही लगते हैं। वह आसपास के एरिया में ही घूमता रहा।
जब वह नारायणगढ़ में मंगलवार रात को पहाड़ीपुर गांव के पास दिखाई दिया तो पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया लेकिन आरोपित वहां पर अपनी बाइक छोड़कर पुलिस से बचकर भागने लगा और पुलिस टीम पर चार गोलियां भी फायर की।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी चार गोलियां चलाई। दो आरोपित को लगी और वहीं गिर गया। पुलिसकर्मियों ने उसे उठाकर नारायणगढ़ नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
अंबाला के एसपी अजीत सिंह शेखावत ने कहा कि करीब 7-8 महीने पहले अभिषेक यूपी से पिस्तौल लेकर आया था। कई बार उसके मन में पहले भी हत्या का विचार आया था। उसे लगता था कि उसका भाई उसके पिता और चाचा दोनों की जमीन हड़प लेगा। आरोपित वारदात को अंजाम देने के बाद पहाड़ियों में चला गया और ईधर-उधर घूमता रहा। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। इसके बाद आगामी कार्रवाई होगी।
