अवैध निर्माण बताकर बगैर नोटिस दिए दलित परिवार का घर तोड़ने का आरोप। आशियाना छिनने के बाद खुले आसमान में रात बिताने को मजबूर पीड़ित परिवार।
:: रेवाड़ी के निकटवर्ती गांव रामपुरा में एक दलित परिवार का घर तोड़ने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि बिना किसी पूर्व प्रशासनिक नोटिस के एक दलित परिवार किशोर कुमार का मकान डीटीपी विभाग द्वारा बुल्डोजर से ढहा दिया गया। बेघर हुआ परिवार खुले आसमान के नीचे रहने और रात बिताने को मजबूर है। मामले में पीड़ित परिवार ने स्थानीय सरपंच व स्थानीय नेताओं पर साजिश के तहत कार्रवाई करने का आरोप लगाकर न्याय की मांग की है। फिलहाल इस पूरे मामले पर विभिन्न संगठनों की ओर से पीड़ित परिवार का समर्थन करते हुए इस कार्रवाई को दुर्भावना और राजनीति से प्रेरित बताया है। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार की ओर से प्रशासन से गुहार लगाई है। अवैध निर्माण के नाम पर किशोर कुमार का मकान तोड़ा गया है पीड़ित परिवार का कहना है कि प्रशासन ने बिना कोई कानूनी प्रक्रिया अपनाए और बिना नोटिस दिए उनका घर तोड़ दिया। पीड़ित परिवार ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए घटना के विरोध में डीसी कार्यालय के सामने पेश हुआ और न्याय की गुहार लगाई है। आपको बता दें कि रेवाड़ी जिला नगर योजनाकार की टीम ने बीते दिन गांव रामपुरा में अवैध निर्माण एवं विकसित की जा रही कॉलोनी को ध्वस्त कराया। जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी और भारी पुलिस बल के साथ यह कार्रवाई की गई। इस दौरान पीड़ित परिवार रोता बिलखता रहा लेकिन प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी और मकान पर बुलडोजर चलाकर उसे जमींदोज कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि जिन निर्माणों पर कार्रवाई की गई, वे बिना अनुमति और नियमों के खिलाफ बनाए जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने मौके पर मौजूद लोगों को भी भविष्य में नियमों का पालन करने की हिदायत दी।
जिला नगर योजनाकार विभाग ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि नियंत्रित और शहरी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण न करें। विभाग ने कहा कि कई प्रॉपर्टी डीलर लोगों को झूठे सपने दिखाकर अवैध कॉलोनियों में प्लॉट बेच देते हैं। बाद में जब विभाग कार्रवाई करता है तो प्लॉट खरीदने वाले लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। अधिकारियों ने बताया कि कोई भी व्यक्ति प्लॉट खरीदने से पहले जिला नगर योजनाकार कार्यालय में जाकर कॉलोनी की वैधता की जांच कर सकता है। साथ ही किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले सरकार के नियमों के अनुसार अनुमति लेना जरूरी है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और केवल वैध कॉलोनियों में ही प्लॉट खरीदने की अपील की है, ताकि उनकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके और भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। हालांकि इस मामले में अभी ग्राम सरपंच और जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
