अम्बाला नगर निगम आम चुनाव के परिणाम घोषित होने के बुधवार 20 मई एक सप्ताह का समय बीत जाने के बाद भी नव-निर्वाचित मेयर और निगम के 20 वार्डों से चुने गए सदस्यों की निर्वाचन अधिसूचना (नोटिफिकेशन) प्रकाशित होनी लंबित है.
पिछले सप्ताह बुधवार 13 मई को घोषित चुनाव परिणामों में भाजपा प्रत्याशी अक्षिता सैनी अम्बाला नगर निगम की नई प्रत्यक्ष निर्वाचित मेयर बनी थीं। हालांकि एक हफ्ते बाद भी हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उनके निर्वाचन संबंधी आधिकारिक अधिसूचना सरकारी गजट में प्रकाशित नहीं की गई है। इसी प्रकार निगम क्षेत्र के सभी 20 वार्डों से निर्वाचित सदस्यों की अधिसूचना का प्रकाशन भी लंबित है।
शहर के सेक्टर-7 निवासी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट एवं म्युनिसिपल कानून विशेषज्ञ हेमंत कुमार ने इस विषय पर अम्बाला वासियों को सार्वजनिक जानकारी देते हुए बताया कि केवल निर्वाचन प्रमाण-पत्र (इलेक्शन सर्टिफिकेट) मिल जाने भर से ही अम्बाला नगर निगम के सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधि अपना पदभार ग्रहण नहीं कर सकते । उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नव-निर्वाचित मेयर और निगम क्षेत्र के सभी 20 वार्डों से विजयी सदस्यों (जिन्हें आम तौर पर पार्षद/कोंसलर कहा जाता है हालांकि हरियाणा नगर निगम कानून में ये शब्द नहीं है) की निर्वाचन नोटिफिकेशन प्रकाशित नहीं की जाती और उस अधिसूचना के प्रकाशन के बाद अम्बाला के मंडल आयुक्त (डिविजनल कमिश्नर) द्वारा उन सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को पद एवं निष्ठा की शपथ नहीं दिलाई जाती, तब तक अक्षिता सैनी विधिवत रूप से मेयर का पदभार नहीं संभाल सकतीं। इस प्रकार निगम क्षेत्र के सभी 20 वार्डों से निर्वाचित सदस्य भी मंडल-आयुक्त द्वारा शपथ-ग्रहण के बाद ही विधिवत रूप से अपना कार्यभार संभाल सकते हैं.
हेमंत के अनुसार, हरियाणा नगर निगम निर्वाचन नियमावली के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन अधिसूचना प्रकाशित होने के 30 दिनों के भीतर संबंधित मंडल आयुक्त द्वारा नव-निर्वाचित मेयर और वार्डो से निर्वाचित सभी न.नि. सदस्यों को पद एवं निष्ठा की शपथ दिलाई जाती है। इसके बाद ही मेयर को निगम के प्रशासनिक अधिकार प्राप्त होते हैं।
उन्होंने पूर्व उदाहरणों का हवाला देते हुए बताया कि 30 दिसंबर 2020 को अम्बाला नगर निगम की पहली महिला और प्रत्यक्ष निर्वाचित मेयर बनीं शक्ति रानी शर्मा को तत्कालीन मंडल आयुक्त द्वारा करीब दो सप्ताह बाद 14 जनवरी 2021 को शपथ दिलाई गई थी। इसी प्रकार 12 मार्च 2025 को मेयर उपचुनाव में निर्वाचित हुईं नगर निगम की दूसरी प्रत्यक्ष निर्वाचित मेयर शैलजा सचदेवा को भी तत्कालीन मंडल आयुक्त द्वारा करीब दो सप्ताह बाद 25 मार्च 2025 को शपथ ग्रहण करवाया गया था। उनकी शपथ हालांकि पंचकूला में आयोजित प्रदेश-स्तरीय समारोह में हुई थी.
नगर निगम चुनाव परिणामों के बाद अधिसूचना जारी होने में हो रही देरी को लेकर अब प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक और कानूनी जानकारों की नजरें अब राज्य निर्वाचन आयोग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
