भिवानी। शहर में लगे ज्यादातर पिल्लर बॉक्स खुले पड़े हैं। इन पर किसी प्रकार का लॉक तक नहीं है। आस पास के लोग जब मन आए अपने तार बदलते रहते हैं। इसके लिए कोई हादसा हो जाता है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा।
जब ये पिल्लर बॉक्स लगे थे उस समय भी लोगों ने बहुत विरोध किया था। इनकी सुरक्षा पर सवाल उठाए थे लेकिन अब बिजली निगम ही इस मामले को लेकर लापरवाह बना है। इसके लिए खुद बिजली कर्मचारी और अधिकारी भी जिम्मेदार हैं।
हालांकि, इन पर ताला लगाने के बाद उस इलाके लाइनमैन के पास चाबी रहनी चाहिए और बाहर का कोई खोल न सके इसके लिए जरूरी प्रबंध किए जाने चाहिए पर ऐसा वर्षों से नहीं किया जा रहा है। बिजली निगम इस मामले में कब जागेगा यह निगम जाने या फिर ऊपर वाला जाने। लगता है निगम किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
जैन चौक केएम स्कूल के सामने बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां सड़क किनारे लगे इलेक्ट्रिक मीटर बॉक्स खुले पड़े हुए हैं, जिनसे आमजन की सुरक्षा को बड़ा खतरा बना हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ता वं सैनी विचार मंच के राष्ट्रीय संयोजक सुरेश सैनी ने इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि विभाग की अनदेखी के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सुरेश सैनी ने कहा कि जिस स्थान पर बिजली के मीटर बॉक्स खुले पड़े हैं, वहां से प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली बच्चे, अभिभावक, महिलाएं और राहगीर गुजरते हैं। बच्चों में जागरूकता की कमी होने के कारण वे अनजाने में इन बॉक्स के संपर्क में आ सकते हैं, जिससे करंट लगने जैसी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। इसके अलावा आसपास आवारा पशु भी घूमते रहते हैं, जिनके लिए भी यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि कई बार स्थानीय लोगों द्वारा इस समस्या की ओर ध्यान दिलाने के बावजूद अभी तक बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। खुले तार और खुले मीटर बॉक्स प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाते हैं। बरसात या नमी के मौसम में यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि थोड़ी सी चूक किसी की जान पर भारी पड़ सकती है।
सुरेश सैनी ने कहा कि शहर में बच्चों की सुरक्षा और आमजन की सुविधा को लेकर विभाग को गंभीरता दिखानी चाहिए। स्कूलों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बिजली उपकरणों की नियमित जांच आवश्यक है ताकि हादसों से बचा जा सके। उन्होंने मांग की कि बिजली विभाग तुरंत प्रभाव से खुले पड़े मीटर बॉक्स को सुरक्षित तरीके से बंद करवाए तथा आसपास सुरक्षा चेतावनी बोर्ड भी लगाए जाएं।
उन्होंने प्रशासन से भी अपील की कि ऐसे संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा देखने को न मिले। सुरेश सैनी ने कहा कि जन सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज करना उचित नहीं है और समय रहते समाधान करना ही प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होंगी
