करनाल, 8 मई। सरकार और डीजीपी हरियाणा पुलिस के दिशा-निर्देशों पर चलाया जा रहा ऑपरेशन स्माइल करनाल जिले में लगातार सफलता की नई मिसाल कायम कर रहा है। एडीजीपी क्राइम पंचकूला संजय कुमार के मार्गदर्शन में मानव तस्करी निरोध इकाई मधुबन की टीम ने बीते 25 दिनों में दिन-रात मेहनत करते हुए 40 से अधिक नाबालिग बच्चों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटाने का सराहनीय कार्य किया है। टीम की इंचार्ज एएसआई नमना के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत ऐसे बच्चों को चिन्हित किया गया जो भिक्षावृत्ति, बाल मजदूरी या परिवार से बिछड़ने जैसी परिस्थितियों का शिकार थे। टीम ने इन बच्चों को सुरक्षित माहौल दिलाने के साथ-साथ उनके परिवारों से मिलाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य भी किया। एएसआई नमना ने जानकारी देते हुए बताया कि ऑपरेशन स्माइल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को भिक्षावृत्ति और बाल श्रम जैसे अनैतिक कार्यों से दूर कर शिक्षा, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करना है। टीम लगातार ऐसे बच्चों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित जीवन देने के लिए प्रयासरत है। इतना ही नहीं, मानव तस्करी निरोध इकाई मधुबन की टीम ने जिले के अनेक सरकारी स्कूलों में जागरूकता सेमिनार भी आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में बच्चों को बाल अधिकार, बाल तस्करी, बाल शोषण, भिक्षावृत्ति और बाल मजदूरी जैसे गंभीर विषयों के प्रति जागरूक किया गया। सेमिनारों के माध्यम से छात्र-छात्राओं में जागरूकता बढ़ी और उन्होंने अपने अधिकारों को बेहतर तरीके से समझा। ऑपरेशन स्माइल केवल एक अभियान नहीं, बल्कि उन मासूम बच्चों के जीवन में नई उम्मीद जगाने का प्रयास बनता जा रहा है, जिन्हें समाज की सुरक्षा और सहारे की सबसे अधिक जरूरत है।
