करनाल, 21 अप्रैल। उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि जनगणना 2027 के पहले चरण में नागरिक स्वयं भी अपनी जनगणना कर सकेंगे। आमजन पोर्टल एसईडॉटसेंससडॉटजीओवीडॉटइन (se.census.gov.in) के माध्यम से 30 अप्रैल तक अपने परिवार का विवरण भरकर ऑनलाइन सेवा का लाभ उठा सकते हैं। यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो किसी कार्यवश दिन भर अपने घरों से दूर रहते हैं।
यह रहेगी प्रक्रिया
उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि स्व गणना की प्रक्रिया बहुत ही सामान्य है, जिसके लिए नागरिक गूगल पर सेल्फ एनुमरेशन टाईप करें और घर के मुखिया के नाम व मोबाइल से लॉग इन करें, जिससे एक ओटीपी प्राप्त होगा। इस के बाद भाषा का चयन करें। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल अंग्रेजी और हिंदी के साथ-साथ 14 अलग-अलग भाषाओं में उपलब्ध है। इसके बाद नागरिक गूगल मैप पर अपने राज्य, जिला व पिन कोड को डालते हुए अपने घर को मैप पर लोकेट करें। अपने घर की लोकेशन कन्फर्म करते ही पहले चरण के सभी प्रश्न खुल जाएंगे। ये 27 प्रश्न मकान की स्थिति, घर में कुल लोगों की संख्या, घर के मुखिया की जानकारी, पेयजल का स्रोत, घर में रेडियो, टेलीविजन, कम्प्यूटर, लैपटॉप, मोटरसाइकिल, कार का होना आदि के बारे में हैं। सभी प्रश्न बहुविकल्पीय हैं, इनका जवाब देने के बाद जब सबमिट करने पर मैसेज या ईमेल के द्वारा एक स्वगणना आईडी की प्राप्ति होगी जोकि प्रगणक के घर आने पर, उसे देनी होगी। आईडी द्वारा सभी प्रश्नों का जवाब प्रगणक के पास आ जाएंगे और इसके सत्यापन के बाद वह इसे सबमिट कर देगा।
उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने आगे कहा कि यह जनगणना दो चरणों में आयोजित हो रही है। पहला चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का होगा, जिसे 1 मई से 30 मई 2026 तक कराया जाना प्रस्तावित है। इस चरण के अंतर्गत गांवों एवं शहरों के आवासीय, गैर-आवासीय तथा सह-आवासीय भवनों की गणना की जाएगी। इसी प्रकार दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि जनगणना के आंकड़े देश एवं जनता के कल्याण के लिए नीतियां एवं योजनाएं बनाने के लिए अनिवार्य हैं। इसमें हर भवन, हर व्यक्ति की गणना होना अनिवार्य है क्योंकि यही आंकड़े विकसित भारत के निर्माण के लिए आधार बनेंगे। इसी के आधार पर शिक्षा, आवास एवं घरेलू सुविधाएं प्रदान करना एवं अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं बनाई जाती हैं। जनगणना में दी गई जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 के अंतर्गत पूर्ण रूप से गोपनीय है। नागरिकों की किसी भी योजना को बंद नहीं किया जाएगा। नागरिक निसंकोच होकर अपनी जानकारी प्रगणक को दें और देश के विकास का हिस्सा बनें।
उपायुक्त ने अपील की कि जिला के स्थानीय विधायकगण, जिला परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य, महापौर और नगर निगम के सदस्य, नगरपालिकाओं के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष और ब्लॉक समिति और उनके सदस्य, सभी पंच व सरपंच, सभी सरकारी एवं प्राइवेट कर्मचारी एवं सभी युवा, सभी किसान, छोटे-बड़े सभी व्यापारीगण जनगणना के कार्य में सहयोग करें और दूसरे लोगों को भी सही जानकारी प्रगणकों को देने के लिए प्रेरित करें।
