निगमायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने सरकारी महकमो के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जल्द सम्पत्ति कर जमा करवाने के दिए निर्देश।
करनाल 25 मार्च,
वित्त वर्ष 2025-26 के मात्र छ: दिन शेष रहते हैं और अब तक प्रॉपर्टी टैक्स करीब 29 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं, परंतु सरकारी विभागों की तरफ अभी भी करोड़ों रुपयो में सम्पत्ति कर बकाया है। इसे लेकर नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने सरकारी विभागों की ओर से पेंडिंग टैक्स से नगर निगम का खजाना भरने को लेकर बुधवार को राज्य सरकार के 12 महकमो के प्रतिनिधियों के साथ नगर निगम कार्यालय के सभागार में बैठक की, ताकि वह जल्द से जल्द सम्बंधित विभाग का सम्पत्ति कर नगर निगम के खजाने में जमा करवा दें।
बैठक में निगमायुक्त ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे इस मीटिंग से निजी जिम्मेदारी लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि सम्पत्ति कर जमा करवाने को लेकर नगर निगम द्वारा काफी बार सभी विभागों को पत्र भी जारी किए गए हैं, बावजूद इसके विभागो की ओर से उनकी तरफ बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करवाया जाता है, तो दफ्तर पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगले वित्त वर्ष में ब्याज सहित सम्पत्ति कर भरना पड़ेगा। इसलिए बेहतर यह रहेगा कि वह 31 मार्च से पहले-पहले बकाया सम्पत्ति कर जमा करवा दें। इस पर सभी विभागों की ओर से निगमायुक्त को आश्वासन दिया गया कि वह जल्द से जल्द मुख्यालय से सम्पर्क करके बकाया सम्पत्ति कर जमा करवा देंगे।
12 विभागों की तरफ बकाया 107030237 रुपये सम्पत्ति कर- उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के 12 विभागों की तरफ 10 करोड़ 70 हजार 30 हजार 237 रुपये सम्पत्ति बकाया है। इनमें सिंचाई विभाग की तरफ 39198227 रुपये, एचएसएएमबी – 19550264 रुपये, पीडब्ल्यूडी बी एंड आर – 8959078, वन विभाग – 8199879 रुपये, जन स्वास्थ्य विभाग – 8320120 रुपये, जिला कोर्ट – 5758150 रुपये, स्पोर्टस विभाग – 7753842 रुपये, बीएसएनएल – 5348685 रुपये, जिला परिषद – 2095372 रुपये, यूएचबीवीएन – 708510 रुपये, एचएसवीपी – 763213 रुपये तथा सीटीएम/डीसी ऑफिस – 374889 रुपये हैं।
बैठक में उप निगमायुक्त विनोद नेहरा, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी अंकुश पराशर, कर अधीक्षक गगनदीप सिंह तथा पूर्व सीएमजीजीए करण शर्मा मौजूद रहे।
