करनाल, 21 मार्च। डीएमईओ ईश्वर राणा ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा रबी सीजन 2026 के दौरान किसानों की सुविधा एवं मंडियों में सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य फसल की खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, सुचारू और समयबद्ध बनाना है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि जारी निर्देशों के अनुसार मंडी में फसल लेकर आने वाले सभी किसानों के वाहनों पर फ्रंट नंबर प्लेट का स्पष्ट होना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, गेट पास के लिए फोटो सत्यापन भी आवश्यक होगा, जिससे सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। मंडी में प्रवेश के लिए गेट पास जारी करने का समय सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक निर्धारित किया गया है। किसान निर्धारित समय के भीतर ही अपनी फसल मंडी में लेकर आएं, ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके। इसके अतिरिक्त किसानों के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इसके लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना होगा, जिसमें परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) या अन्य आवश्यक दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है।
हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, पंचकुला द्वारा जारी इन निर्देशों के माध्यम से मंडियों में भीड़-भाड़ को नियंत्रित करने, पारदर्शिता बढ़ाने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि रबी खरीद सीजन 2026-27 के दौरान मंडियों/ खरीद केंद्रों में किसान द्वारा बिक्री हेतु ले जाने वाली गेहूं में प्रयोग किये जाने वाले वाहन पर आवक गेट की रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ फोटो कैप्चर किया जाएगा। वाहनों के बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के आवक गेट पास जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंडियों/खरीद केंद्रों को जियो फैंस किया गया है जिसके अंतर्गत खरीद प्रक्रिया के सभी चरण जैसे कि आवक गेट पास, बोली, आई-फार्म, इत्यादि मंडी/खरीद केंद्र स्थल पर ही जारी होंगे।
उन्होंने बताया कि आढ़तियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऑनलाइन ऑक्शन के बाद समय पर जे-फॉर्म और आई-फॉर्म जनरेट करें तथा सभी ढेरियों का वजन केवल इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन से ही किया जाए। इसके अलावा मंडी से बाहर जाने वाली गाडिय़ों की फिजिकल वेरिफिकेशन भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूर्णत: प्रतिबद्ध है। किसानों को अपनी उपज की बिक्री में राज्य सरकार किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने देगी। किसानों की सहायता के लिए प्रदेश स्तर पर टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 180 2060 जारी किए गए हैं जिन पर किसानों को अनाज खरीद से संबंधित सभी सूचनाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा सभी मंडियों में एक शिकायत रजिस्टर भी सुनिश्चित किया जाएगा।
