ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया
अम्बाला/चण्डीगढ, 01 मार्च – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि अम्बाला से जीरकपुर, चंडीगढ़, मोहाली और कालका-शिमला का सफर अब पहले से घटेगा। जीरकपुर में बनने वाले नए बाईपास से कनेक्टिविटी पहले से और बेहतर होगी। इसी प्रोजेक्ट के तहत अम्बाला से चंडीगढ़ तक नया हाईवे बन रहा है जो नए जीरकपुर बाईपास को कनेक्ट करेगा।
श्री विज आज अपने आवास पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया चंडीगढ़ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आशीम बंसल से इस अहम प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा कर रहे थे।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को लेकर उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से सिफारिश की थी और अब इसपर काम होने पर उन्होंने मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है।
आज मंत्री अनिल विज के आवास पर पहुंचे एनएच के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आशीम बंसल ने बताया नए अम्बाला-चंडीगढ़ एक्सप्रेस वे को जीरकपुर बाइपास से जोड़ा जाएगा। अंबाला से चंडीगढ़ का करीब 45 मिनट का सफर घटकर 20 मिनट का रह जाएगा और बाइपास से अलग-अलग कनेक्टिविटी पंचकूला, कालका-शिमला और मोहाली के लिए मिल जाएगी। इसके बनने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और शहर में जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि 1464 करोड़ रुपये की इस परियोजना से एनएच-44, एनएच-205ए और एनएच 152 से नेशनल हाईवे से आने जाने वाले वाहनों को डायवर्ट करेगा। इससे मोहाली, पंचकूला और चंडीगढ़ के भीड़भाड़ वाले चौराहों पर ट्रैफिक कम होगा। हिमाचल प्रदेश की ओर जाने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक मार्ग मिलेगा।
31 किमी का हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड बाइपास
उत्तर भारत में परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए जीरकपुर से बाइपास विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना भारतमाला कार्यक्रम के तहत तैयार की जा रही है। इसके बनने से पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली एनसीआर के वाहन चालकों को लाभ होगा।
इस तरह से बचेगा समय
यह बाइपास लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए काफी फायदेमंद होगा, जो उनका समय बचाएगा। इसके तहत दिल्ली से चंडीगढ़ यदि आना है तो 20 से 30 मिनट तक की बचत होगी। दिल्ली से मनाली 2 से 3 घंटे तक की कमी होगी। दूसरी ओर चंडीगढ़ से शिमला/मनाली जैसे पहाड़ी मार्गों पर ट्रैफिक दबाव कम होगा।
