भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों तथा एससीईआरटी गुरुग्राम के तत्वावधान में जिला कुरुक्षेत्र के15 चयनित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में राष्ट्रीय आविष्कार सप्ताह फेज -2 का शुभारंभ किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने बताया कि राष्ट्रीय आविष्कार सप्ताह के अंतर्गत विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियां जैसे जल संरक्षण एवं जल प्रबंधन पर जागरूकता रैलियां, वर्षा जल संचयन की जानकारी, “जल बचाओ” विषय पर पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिताएँ, विद्यार्थियों व समुदाय के साथ संवाद सत्र तथा विद्यालय परिसरों में जल संरक्षण के व्यावहारिक उपाय इत्यादि गतिविधियां संचालित करवाई जाएंगी। जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने बताया कि प्रत्येक चयनित विद्यालय को गतिविधियों के सफल आयोजन हेतु ₹4,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। विनोद कौशिक ने कहा कि जल संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। आज के समय में जल की उपलब्धता एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है, और यदि अभी से ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। जिला विज्ञान विशेषज्ञ एवं नोडल अधिकारी डॉ तरसेम कौशिक ने बताया कि जल जीवन का आधार है, और इसके बिना मानव, प्रकृति तथा भविष्य की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जल संसाधनों का तेजी से दोहन हो रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। डॉ तरसेम कौशिक ने बताया कि राष्ट्रीय आविष्कार सप्ताह फेज -2 का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवहारिक रूप से जल संरक्षण से जोड़ना है। इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना विकसित की जा रही है। डॉ. कौशिक ने कहा कि विद्यालय जल संरक्षण के सबसे प्रभावी केंद्र बन सकते हैं। यदि छात्र आज वर्षा जल संचयन, जल की बचत और पुनः उपयोग जैसे उपाय सीखते हैं, तो वे अपने घर और समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को ‘जल बचाओ – भविष्य बचाओ’ का संदेश व्यवहार में उतारने के लिए प्रेरित किया जाएगा। डॉ तरसेम कौशिक ने बताया कि इस अभियान के लिए कुरुक्षेत्र जिले के पांच खंडों से 15 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों का चयन किया गया है जिसमें शाहबाद खंड से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नलवी, संभालखी तथा चरुणी जाटान, थानेसर खंड से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अजराणा कलां, भूसथला, धुराला, रतनडेरा; लाडवा खंड से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुढ़ा, बनी, प्रहलादपुर; पिहोवा खंड से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाखली, ककराला गुजरान, हरीगढ़ भोरख तथा बाबैन खंड से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कसीथल का चयन किया गया है। सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा के लिए प्रेरित करें।
