बंदियों से बातचीत कर समस्याएं जानीं, परिसर में किया पौधारोपण
बंदी कोई न कोई काम सीखकर हुनर बढ़ाएं : जस्टिस बत्रा
करनाल, 29 सितंबर। हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष माननीय जस्टिस ललित बत्रा, सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया ने आज यहां जिला जेल का दौरा किया। बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं।करनाल पहूँचने पर एडीसी सोनू भट्ट, पुलिस उपायुक्त गंगा राम पूनिया और नगर निगम करनाल की कमिश्नर डॉ. वैशाली ने जस्टिस ललित बत्रा, सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया का पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में स्वागत किया और जिले के बारे में जानकारी दी।
जेल परिसर में पौधारोपण किया। आयोग के अध्यक्ष ने बंदियों से जेल अवधि के दौरान रूचि अनुसार कोई न कोई काम सीख कर हुनर को बढ़ाने और आचरण को बेहतर बनाए रखने के लिए कहा।
जिला कारागार पहुंचने पर जेल अधीक्षक लखबीर सिंह बराड़ ने आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों को पौधे भेंट कर स्वागत किया। जस्टिस बत्रा ने बंदियों से कहा कि जेल में रहते हुए अधीक्षक, उपाधीक्षक, वार्डन आदि उनके गार्जियन (संरक्षक) हैं। यहां कराए जा रहे विभिन्न पाठयक्रमों में रूचि अनुसार हिस्सा लें। यहां सीखा हुनर उन्हें जेल से बाहर जाने के बाद भी काम आएगा। उन्होंने बंदियों से आचरण भी अच्छा रखने की अपील की। कहा कि बेहतर आचरण सजा अवधि कम करने में सहायक होता है।
इस के पहले जस्टिस ललित बत्रा व आयोग के सदस्य महिला बंदियों से मिलेे और उनसे जाना कि कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए डीएलएसए से महिला वकील का दौरा कितने दिनों बाद होता है। उन्होंने महिला वकील बिंदिया से हर हफ्ते महिला बंदियों को उनके केस की स्थिति से अवगत कराने बारे कहा। उन्होंने वीडियो कांफ्रेसिंग रूम के साथ-साथ महिला बंदियों के बने रसोई घर का दौरा किया। भोजन तैयार करने वाली महिला बंदियों को हाजिरी अवश्य लगाने के निर्देश दिए ताकि एवज में मेहनताना प्राप्त हो सके। उन्होंने किचन में भोजन का स्वाद चखा और उसे स्वादिष्टï करार दिया। साथ ही किचन में एग्जॉस्ट फैन व खराब पंखे को ठीक कराने के निर्देश दिए।
आयोग के अध्यक्ष ने जेल परिसर में बने ब्यूटी पार्लर, फैशन स्टूडियो, क्रेच और लाइब्रेरी का दौरा कर वहां प्रदत्त सुविधाओं का जायजा लिया। टीबी के संभावित बंदियों की जांच के लिए पहुंची टीबी वैन और इलाज की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। परिसर में बने रेडियो स्टेशन के संचालक को गीतों के साथ-साथ समाचार भी प्रेषित करने के निर्देश दिए।
आयोग के प्रोटोकॉल, सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डा. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि जस्टिस बत्रा के साथ दोनों सदस्यों ने कारागार के अस्पताल का दौरा किया और साइकोलॉजिस्ट से मानसिक रूप से परेशान रोगियों से निपटने के तरीके की जानकारी ली। जस्टिस बत्रा ने कहा कि आत्महत्या की प्रवृति को हर हाल में रोकना है। उद्योगशाला में बंदियों द्वारा तैयार किए गए सामान को देखा। पाठशाला में लाइब्रेरी और कॉस्मेटोलॉजी लैब का दौरा कर जेल अधीक्षक को निर्देश दिए कि महिला बंदियों के लिए भी कॉस्मेटोलॉजी कोर्स की व्यवस्था की जाए। इस समय यहां 25 बंदियों को कॉस्मेटोलॉजी और 20 बंदियों को ड्रेस मेकिंग कोर्स कराए जा रहे हैं। उन्होंने जेल अधीक्षक से कहा कि वे हथकरघा नगरी पानीपत के बड़े उद्योगों के साथ एमओयू के लिए बातचीत करें ताकि ड्रेस मेकिंग कोर्स पूरा करने वाले बंदी को आगे काम मिल सके। इससे प्राइवेट उद्योगों के साथ-साथ बंदियों को भी कुछ आमदन प्राप्त होगी।
जस्टिस बत्रा ने चार-पांच कैदियों से उनकी समस्याएं भी पूछीं। एक कैदी ने अनाथ आश्रम राई में रह रही 12 साल की बेटी से बात कराने की गुहार लगाई। इस पर जस्टिस बत्रा ने कहा कि जेल अधिकारी बेटी से बात करके देखेंगे। उसने हामी भरी तो वीडियो कांफ्रेंसिंग से बात करा दी जाएगी। नेपाल के एक कैदी ने भी परिजनों से बात करने की गुहार लगाई। इस पर जेल अधीक्षक ने बताया कि कैदी द्वारा उपलब्ध कराए गए दूसरे मोबाइल नंबर की जांच जारी है। पहला नंबर बंद है। जांच के बाद यथा संभव कदम उठाए जाएंगे। एनडीपीएस के एक मामले में बंद सिरसा के एक कैदी ने उसे सिरसा जेल शिफ्ट कराने का अनुरोध किया। इस पर उन्होंने बताया गया कि वहां पहले से ही क्षमता से अधिक कैदी हैं।
तदोपरांत अध्यक्ष व सदस्य जेल में बंद 18 से 21 साल के किशोरों से ेमिले और उनसे बातचीत की। इस दौरान पखाना गांव के मोहित ने बताया कि उनकी उम्र 18 साल से कम है। ऐसी ही शिकायत कुंजपुरा के सुमित ने की। जस्टिस बत्रा ने आईओ को रिकार्ड सहित पहुंचने को कहा। उन्होंने मोहित के पिता से उसके आधार कार्ड की प्रति भी मंगवाई। जिससे उसकी उम्र 18 से कम साबित होती है।
जस्टिस बत्रा ने पुरूष बंदियों की किचन में भी भोजन चखा। इसके बाद स्टोर पहुंचे। वहां व्यवस्थित ढंग से रखे सामान की सराहना की। साथ ही स्टोर में तैनात बंदियों की डयूटी रोटेशन अनुसार लगाने के निर्देश दिए।
इस मौके पर बंदियों ने उनके स्वागत में गीत प्रस्तुत किया। एक बंदी ने मैजिक शो भी पेश किया।
माननीय अध्यक्ष के साथ प्रोटोकॉल, सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डा. पुनीत अरोड़ा, संयुक्त रजिस्ट्रार व संयुक्त सचिव अरूण ठाकुर के अलावा जेल उपाधीक्षक सुरेंद्र कुमार, नीलम, लीगल एड डिफेंस काउंसिल बिंदिया और सतीश कुमार भी मौजूद रहे।
