-आयुष विवि की टीम ने छात्राओं को दी समय पर पहचान और बचाव की जानकारी
सोनिका वधवा
कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग विभाग की टीम ने पीसीओडी जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, थानेसर में छात्राओं को पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर स्कूल के वाइस प्रिंसिपल राजेंद्र कुमार ने आयुष विवि की टीम का स्वागत किया।
विभागाध्यक्ष प्रो. जितेश कुमार पंडा के नेतृत्व में आयोजित कैंप में प्रो. सुनीति तंवर ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि फास्ट फूड की लत, व्यायाम की कमी और असंतुलित दिनचर्या आज की पीढ़ी को गंभीर स्वास्थ्य संकट की ओर धकेल रही है। उन्होंने बताया कि पीसीओडी केवल हार्मोनल असंतुलन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक तनाव, आत्मविश्वास की कमी और भविष्य में प्रजनन क्षमता को प्रभावित करने का कारण भी बन सकती है।
प्रो. तंवर ने छात्राओं को सलाह दी कि समय पर सोने, संतुलित भोजन करने, नियमित योग व व्यायाम करने जैसी आदतें पीसीओडी की रोकथाम में बेहद कारगर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बार-बार मासिक धर्म में गड़बड़ी, अचानक वजन बढ़ना और चेहरे पर अत्यधिक बाल उगना जैसे संकेतों को हल्के में न लें और तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श करें।
प्रो. पंडा ने बताया कि कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय का प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग विभाग सितंबर माह को पीसीओडी जागरूकता माह के रूप में मना रहा है। इसका उद्देश्य किशोरियों और युवतियों को समय पर पहचान, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और आयुर्वेदिक उपचार की उपयोगिता के बारे में जागरूक करना है, ताकि वे स्वस्थ और संतुलित जीवन शैली अपना सकें। इस अवसर पर डॉ. प्रियंका, डॉ. पिंकी, डॉ. प्राजक्ता, फार्मेसी ऑफिसर सरोज देवी, लेब टेक्नीशियन अमरजीत और नर्सिंग ऑफिसर हरप्रीत कौर समेत अन्य टीम सदस्य उपस्थित रहे।
सोनिका वधवा
कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग विभाग की टीम ने पीसीओडी जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, थानेसर में छात्राओं को पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर स्कूल के वाइस प्रिंसिपल राजेंद्र कुमार ने आयुष विवि की टीम का स्वागत किया।
विभागाध्यक्ष प्रो. जितेश कुमार पंडा के नेतृत्व में आयोजित कैंप में प्रो. सुनीति तंवर ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि फास्ट फूड की लत, व्यायाम की कमी और असंतुलित दिनचर्या आज की पीढ़ी को गंभीर स्वास्थ्य संकट की ओर धकेल रही है। उन्होंने बताया कि पीसीओडी केवल हार्मोनल असंतुलन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक तनाव, आत्मविश्वास की कमी और भविष्य में प्रजनन क्षमता को प्रभावित करने का कारण भी बन सकती है।
प्रो. तंवर ने छात्राओं को सलाह दी कि समय पर सोने, संतुलित भोजन करने, नियमित योग व व्यायाम करने जैसी आदतें पीसीओडी की रोकथाम में बेहद कारगर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बार-बार मासिक धर्म में गड़बड़ी, अचानक वजन बढ़ना और चेहरे पर अत्यधिक बाल उगना जैसे संकेतों को हल्के में न लें और तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श करें।
प्रो. पंडा ने बताया कि कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय का प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग विभाग सितंबर माह को पीसीओडी जागरूकता माह के रूप में मना रहा है। इसका उद्देश्य किशोरियों और युवतियों को समय पर पहचान, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और आयुर्वेदिक उपचार की उपयोगिता के बारे में जागरूक करना है, ताकि वे स्वस्थ और संतुलित जीवन शैली अपना सकें। इस अवसर पर डॉ. प्रियंका, डॉ. पिंकी, डॉ. प्राजक्ता, फार्मेसी ऑफिसर सरोज देवी, लेब टेक्नीशियन अमरजीत और नर्सिंग ऑफिसर हरप्रीत कौर समेत अन्य टीम सदस्य उपस्थित रहे।
